एक बार फिर चढ़ा उम्मीदों का मोदी रंग
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*कुमार राकेश*   

होली के माहौल में अब एक बार फिर भारत में उम्मीदों नया रंग चढ़ गया है.जिसमे विकास और सुशासन का विशेष रंग प्रमुख है. प्रधानमंत्री ने 2014 में केंद्र में सत्तासीन होते वक़्त कहा था कि देश बदल रहा है.आज वर्ष 2017 में लग रहा है कि देश सचमुच बदल गया है.जी हां,पांच राज्यों के चुनावी नतीजे यही बता रहे हैं.हालाँकि पंजाब इसका अपवाद है.

देश के समग्र विकास के पहिये को प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ने अपनी  नीति और नीयत से विमुद्रिकरण,विकास और सुशासन के जरिये एक विशेष गति प्रदान किया है.अब तो प्रधानमंत्री मोदी का नारा “काम बोलता है “सर चढ़ कर बोल रहा है .हर हर मोदी ,घर घर मोदी की बातें अब सच हो गयी है.विकास और सुशासन को आम जनता ने सर पर उठाकर अपने अच्छे दिनों पर मुहर लगा दी है.आज की तारीख में भारतीय राजनीति ने एक नई करवट ले ली है.भाजपा अब देश की केंद्र में पूरी तरह आ गयी है. एक तरफ भाजपा है,दूसरी तरफ तमाम विपक्षी पार्टियाँ हैं.जिस  ध्रुवीकरण की  भविष्यवाणी भाजपा के मार्गदर्शक और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने भी की थी.

उसी तर्ज़ पर आज जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कमाल का बयान देकर सबको चौका दिया है.श्री अब्दुल्ला ने सभी विपक्षी दलों से अपील की है कि 5 राज्यों का ये चुनाव परिणाम बीजेपी की सुनामी है,2019 को भूल जाओ और 2024 की तैयारी करो.श्री अब्दुल्ला ने ये भी कहा है कि देश भर में कोई ऐसा नेता नहीं है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला कर सके और कोई ऐसी पार्टी नहीं है,जो 2019 में बीजेपी को चुनौती दे सके.शायद श्री अब्दुल्ला ने पहली बार सच कहा है.इसलिए दूसरी तरफ आम जन की उस गहरी आस्था को बनाये रखने के लिए भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के लिए चुनौतियां भी बढ़ गयी है.

भाजपा के झंडे तले प्रधानमंत्री मोदी ने अपना अश्वमेघ 2014 में ही छोड़ दिया था.पिछले लगभग तीन वर्षों में केंद्र की सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा हरियाणा,महाराष्ट्र,झारखण्ड,असम,अरुणाचल प्रदेश में विजयश्री हासिल किया.उसी क्रम में सबसे अप्रत्याशित चुनाव परिणाम उत्तरप्रदेश के साथ अन्य तीन राज्यों का है.अब ये प्रदेश उल्टा प्रदेश नहीं बल्कि उत्तम प्रदेश बन जायेगा.इसी आशा और विश्वास से उत्तरप्रदेश के सजग मतदाताओं ने भाजपा को अभूतपूर्व विजयश्री प्रदान की.इतिहास गवाह है कि पिछले 37 वर्षों में किसी दल को इतनी बड़ी संख्या 300 से ज्यादा की संख्या में मत नही मिले.

इसलिए पिछले शनिवार को सभी राज्यों में चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा –उत्तरप्रदेश अब हिन्दू-मुसलमान की कथित राजनीति से बाहर आ गया है.प्रदेश और देश से जातिवाद,परिवारवाद और तुष्टीकरण कई राजनीति अवसान पर है.देश को विकास और सुशासन चाहिए.जो सिर्फ भाजपा ही दे सकती है.

चार प्रदेशो में भाजपा और मोदी की जीत के कई कारण बताये जा रहे हैं,जिसे देश की विपक्षी पार्टियाँ पूरी तरह से समझ नहीं सकी. भाजपा ने अपनी बिहार चुनाव की हार से बड़ी सीख लेते हुए एक विशेष रणनीति तैयार की थी,जिस पर पूरी तरह टीम भावना से पूरी ईमानदारी से अमल किया गया.उत्तरप्रदेश में पार्टी के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश माथुर की ठोस टीम,दूरगामी नीति के साथ अद्भुत संयोजन और समन्वय ने कमाल का कमल खिलाया. वही उत्तराखंड में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू का अनवरत परिश्रम और दिन-रात में भेद मिटाकर किया गया एक एक अनुपम कार्य ने भी देव भूमि में भाजपा को ऐतिहासिक विजयश्री हासिल करवाई.वैसे उत्तराखंड के  कोर ग्रुप में केन्द्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और धर्मेन्द्र प्रधान का भी जबरदस्त योगदान रहा. इन तमाम समीकरणों  के मुख्य संचालन केंद्र अमित शाह और नरेंद्र मोदी रहे.

जहाँ भाजपा पिछले 2 वर्षो से इन पांचो प्रदेशो में चुनाव के लिए लगातार परिश्रम कर रही थी,वही कोंग्रेस कथित अतिउत्साह में दिख रही थी.कांग्रेस में टिकट बटवारे से लाकर तमाम मसले पर मतभेद थे.उत्तरप्रदेश में कांग्रेस अपनी मूल स्वाभाव से परे हटकर समाजवादी पार्टी के साथ चली गयी थी तो उत्तराखंड में  मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश कांगेस अध्यक्ष में ही सार्वजनिक तौर पर खूब कहा सुनी भी हो गयी थी.प्रदेश में इस करारी हार के लिए पार्टी की राष्ट्रीय प्रभारी महासचिव अम्बिका सोनी की अकर्मण्यता ने भी अहम भूमिका निभायी.

मणिपुर में भी स्वंतंत्र भारत में पहली बार भाजपा एक शक्ति के तौर पर उभरी है.मणिपुर में भाजपा की सरकार बन सकती है.जैसा की पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने अपने प्रेस वार्ता के दौरान किया.मणिपुर में जीत के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मध्यप्रदेश से मौजूदा सांसद प्रह्लाद सिंह पटेल की एकनिष्ठ भाव से किये गए कई नए प्रयोगों और कार्यों का भी अहम योगदान है.बाद में केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी अपनी महती भूमिका निभायी.देश के वरिष्ठ आदिवासी नेता और केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी वह रैली के बाद कहा था कि मणिपुर अब भाजपा के अनुकूल है.वैसे मणिपुर में स्थिति त्रिशंकु वाली है,लेकिन माहौल भाजपा के पक्ष में दिख रहे हैं.

गोवा में परिणाम त्रिशंकु की वजह से स्थिति थोड़ी गड़बड़ दिख रही है,पर वोट प्रतिशत संतोषजनक कहा जा रहा है.इसलिए भाजपा ने फिलहाल गोवा को प्रतीक्षा करो की नीति पर अटका दिया है.परन्तु देश की दिशा तय करने वाला प्रदेश उत्तरप्रदेश से भाजपा और देश में मतदाता के लिए महान जादूगर कहे जाने वाले प्रधानमंत्री मोदी गद्गद है और पूरी पार्टी ऊर्जान्वित.

इन चुनाव परिणामो में विमुद्रिकरण ने एक नई क्रांति का इतिहास लिखा है और वर्षो से किसी एक जाति और वर्ग की कही जाने वाली भाजपा सबकी पार्टी हो गयी है.सबका साथ,सबका विकास की बाते सफल तौर पर चरितार्थ हो गयी हैं.

तमाम मुद्दों और चुनाव परिणामो के परिपेक्ष्य में अब कहा जा सकता है कि एक नए आदर्श भारत का पुनर्निर्माण शुरू हो गया है.एक ऐसा भारत,जो कभी विश्वविजयी था.स्वाधीन भारत में अब पहली बार ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जाति,धर्म और समुदाय का समीकरण प्रभावहीन हो गया है.देश में मोदी मैजिक का प्रभाव एक बार फिर सबके सर चढ़ कर बोल रहा है. जैसा कि 2014 में बोला था.

कुमार राकेश