जाधव को बचाने के लिए संसद में चर्चा, सुषमा ने कहा- हर हाल में वापस लायेंगे
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ई-मॅगज़ीन/E-Magazine

समग्र समाचार सेवा:

11 अप्रैल, नई दिल्ली: पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा दिए जाने का मुद्दा मंलगवार को देश की संसद में गूंजा. कांग्रेस ने इसे लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि कुलभूषण जाधव के पास भारत का वैध पासपोर्ट है तो ऐसे में पाकिस्तान कैसे उन्हें जासूस कह सकता है. राजनाथ सिंह ने कहा कि कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए जो भी जरूरी होगा वह सरकार करेगी. पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे और उसके अन्याय को सफल नहीं होने देंगे.

वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय कैदियों को फांसी की सजा से बचाने के लिए सरकार सख्त कदम उठाएगी. इस मामले को पाकिस्तान के साथ उठाया जाएगा. कुलभूषण जाधव के मामले पर सुषमा ने कहा कि एक निर्दोष भारतीय नागरिक को गलत आरोपों के साथ सजा देने की कोशिश की जा रही है इसे भारत सुनियोजित हत्या मानेगा. सुषमा स्वराज ने कहा कि कुलभूषण बिल्कुल निर्दोष है और हर हाल में वापस लाने के लिए सरकार कदम उठाएगी.

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में कहा कि सरकार बताए कि जाधव को बचाने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए. खड़गे ने सीधे पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पीएम मोदी नवाज शरीफ के घर शादी में बधाई देने जा सकते हैं तो उन्होंने जाधव को बचाने के लिए पाकिस्तान से बात क्यों नहीं की.

कांग्रेस के इन आरोपों के जवाब में सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि इस मामले में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने 13 बार जाधव से मिलने की कोशिश की लेकिन पाकिस्तान अधिकारियों ने मिलने नहीं दिया. इस मामले में सरकार हरसंभव कदम उठाएगी.

 

चर्चा में हिस्सा लेते हुए एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जाधव को बचाने के लिए सरकार कदम उठाए और दबाव का इस्तेमाल करे. इसपर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए.