विकास कभी पागल नहीं होता...
joomla social media module

ई-मॅगज़ीन/E-Magazine

*कुमार राकेश*

देश में अब विकास का सिक्का ही चलेगा न कि जातिवाद,वंशवाद और आरक्षण का  .गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भाजपा की जीत ने देश के समग्रता के मद्देनजर एक नयी रेखा खींच दी है .अब सभी राजनीतिक दलों को विकास के मार्ग पर चलने को मजबूर होना पड़ेगा.विकास कभी पागल नहीं होता ,बल्कि विकास से वे लोग पागल होते हैं.जो विकास को पागल बोलते हैं. ये तय हो गया है की अब जातिवाद और आरक्षण देश के लिए जरुरी नहीं बल्कि समग्र विकास जरुरी है.विकास ही सर्वोपरि है .विकास ही अब विजयी होगा.न की अब वंशवाद,तुष्टिकरण या कोई अन्य क्षणिक मुद्दा.

विकास के इस महादौर में भाजपा नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी एक महानायक बन गए है.विश्व के महानायक.विरोधी चाहे कुछ भी बोले.पर पीठ पीछे उनकी तारीफ़ करते नहीं अघाते.अब जब-जब देश में विकास की बात होगी ,देश और विश्व एक ही नाम पर एक मत से समर्थन करेगा,वो सिर्फ विश्व के लोक नायक नरेद्र मोदी का .

श्री नरेन्द्र मोदी विकास के उस मार्ग पर चल चुके है,जो सिर्फ लोक कल्याण से ही जुड़ता है.गुजरात में 12 वर्षों के शासन की तुलना में अब देश में श्री मोदी का उससे ज्यादा वर्षो का शासन हो सकता है.क्योकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणाम ने ये संदेश तो दे ही दिया है कि 2019 लोक सभा चुनाव भी भाजपा ही जीतेगी.

भाजपा द्वारा अपनायी गयी सुदृढ़ आर्थिक स्थिति,भ्रष्टाचार मुक्त शासन, सबका साथ और सबका विकास ऐसे मन्त्रों का समूह है, जिससे देश को सदैव  नयी ऊर्जा  मिली हैं और सतत मिलती रहेगी.भारत एक बार फिर से विश्व गुरु की श्रेणी में आ सकेगा.विश्व प्रसिद्द संस्था मूडीज ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर जो विश्लेषण किया है ,उससे भारत का विश्व बाज़ार में मान बढ़ा है.

गुजरात चुनाव ने इस विकास मन्त्र में एक नया मंत्र जोड़ा है ,हिंदुत्व का.जिसका श्रीगणेश कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी ने किया है.लगता है अब उन्हें भी ये समझ में आ गया है कि तुष्टिकरण से अब कुछ नहीं हो सकता.शायद इसलिए राहुल गुजरात के सभी 27 प्रसिद्द मंदिरों में गए ,जबकि शायद ही किसी मस्जिद में गए हों.मेरा विचार है ये सिर्फ हिंदुत्व की समग्र स्वीकारोक्ति है ,न की नरम और गरम हिंदुत्व.वैसे भी हम इतिहास पर ईमानदार नजर डाले तो हिंद्त्व सभी धर्मो के परदादा गुरु है.

गुजरात और हिमाचल के चुनाव परिणामो के मद्देनजर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने एक बड़ी अच्छी बात कही.वैसे तो डॉ पात्रा जुमलो और शब्दों के परिपेक्ष्य में मौजूदा उपराष्ट्रपति और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष श्री वेंकैया नायडू जी की याद दिलाते रहते है.डॉ पात्रा ने कहा की भाजपा वास्तव में “जमीन” की राजनीति करती है .इसका मतलब है ,ज से जज्बा,म से मेहनत और न से नीयत.उनका कहना है की भाजपा इसी दर्शन से काम करती है और करती रहेगी ,जबकि कांग्रेस वंशवाद ,जातिवाद और आरक्षण के घोड़े पर सवार होकर देश की आम जनता को अपनी जागीर समझती है.लेकिन ये जो अपने देश की जनता है ,वो सब जानती है .

यदि हम गुजरात और हिमाचल चुनाव की समीक्षा करे तो लगता है कांग्रेस अपने बुने हुए जाल में उलझ गयी.कांग्रेस ने कई गलतियाँ की.जिनमे स्थानीय नेताओं को तरजीह नहीं देना प्रमुख है.जो भी कांग्रेस के साथ दिख रहा है वो तकनीकी तौर पर उनके साथ था,न की दिल और दिमाग से,इससे केंद्रीय मंत्री श्रीमती समृति इरानी का वो दावा सही साबित हो रहा  है कि कांग्रेस अपना चुनाव प्रचार पूरी तरह से आउटसोर्स कर दिया था.वैसे भी कांग्रेस के चुनाव की पूरी कमान तो राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथ में थी,इसीलिए गुजरात कांग्रेस के दो बड़े कहे जाने वाले नेता अर्जुन मोदावादिया और शक्ति सिंह गोहिल चुनाव हार गए.

राहुल गाँधी विधिवत कांग्रेस के पूर्णकालिक अध्यक्ष भी बना दिए गए.फिर भी पार्टी की ये स्थिति.राहुल को इस बात पर पुनर्विचार करने की जरूरत है कि वो अब अपनी माता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी की तरह प्रधानमंत्री पद के लिए कोई डॉ मनमोहन सिंह टाइप रबर स्टाम्प अभी से खोज कर रख ले.परन्तु अब उससे भी कांग्रेस का कुछ  भला होता नहीं देख रहा.क्योकि देश अब गुजरात मॉडल की राह पर चल पड़ा है ,चाहे कोई कुछ भी कह ले.सोच कर इस बात से हैरानी हो रही है की कांग्रेस अब मात्र पांच  राज्यों में बच गयी है.जिनमे एक राज्य केरल में सहयोगी है.वो भी 2018 के विधान सभा चुनाव में मेघालय,मिजोरम और कर्नाटक प्रदेश भी स्वयं को कांग्रेस मुक्त होने के लिए छटपटा रहा है .

जबकि भाजपा अब 19 राज्यों में है .19 में से 15 राज्यों में उनका शासन है,जबकि 4 राज्यों में गठबंधन.जो स्थिति कभी कांग्रेस की थी,वो भाजपा की है.अब आने वाले दिनों में यही रहेगी.ऐसा प्रतीत हो रहा है.लगता है यही हाल रहा तो देश जल्द ही कांग्रेस मुक्त हो सकता है.जैसा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी का दावा है.

 यदि हम पिछले 4 वर्षों के उनके कार्यकाल की एक समीक्षा करे और भाजपा का प्रदर्शन देखें तो ऐसा ही लगता है.इस दौरान 7 चुनाव हुए.पंजाब को छोड़ कर सभी राज्य चुनाव में कांग्रेस को मुंह कई खानी पड़ी.ऐसा क्यों ?कांग्रेस के राजकुमार और अब नए अध्यक्ष राहुल गाँधी हर जगह फेल हुए.ऐसा क्यों?

किसी कांग्रेस के नेता ने पिछले दिनों मेरे से कहा था .देखना हमारे नेता राहुल जी गुजरात में फिर से फेल होंगे.वैसे भी पंजाब में कांग्रेस की कम मौजूदा मुख्यमंत्री कप्तान अमरिंदर सिंह की जीत ज्यादा है.कांग्रेस ने हार कर बड़ी मजबूरी में कप्तान अमरिंदर  को पंजाब चुनाव की कमान सौंपी थी,जबकि कांग्रेस की ही वरिष्ठ नेता अम्बिका सोनी ने कप्तान को हरवाने की पूरी व्यवस्था कर दी थी.

इन तमाम मसलो के मद्देनजर पुराने वामपंथी ,14 वर्षों तक भाजपा की मलाई खाने वाले,महान अवसरवादी,पत्रकारिता से राजनीति में आने वाले मुंबई निवासी सुधीन्द्र कुलकर्णी के अपार ज्ञान पर मेरे को तरस आ रहा है .श्री कुलकर्णी ने ट्विटर के जरिये कहा है-राहुल गाँधी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे.मेरे को लगता है कुलकर्णी साहेब ने ये ट्वीट किसी अन्य  वक़्त व मुद्रा में किया होगा.

कुमार राकेश