कोरेगांव-भीमा हिंसा: जिग्नेश और उमर खालिद पर FIR, 300 से अधिक गिरफ्तार
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ई-मॅगज़ीन/E-Magazine

Jan 4th, 2018 

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में सोमवार को हुई हिंसा के मामले में पुणे पुलिस ने विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है

पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153, 505 और 117 के तहत मामला दर्ज किया है. वहीं कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मुंबई पुलिस ने जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के प्रस्तावित कार्यक्रम पर रोक लगा दी है.

31 दिसंबर को पुणे के एक कार्यक्रम में इन दोनों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप है. उमर खालिद जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र हैं वहीं मेवाणी हाल ही में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान वडगाम से निर्दलीय विधायक चुने गए हैं.

गौरतलब है कि मेवाणी और खालिद ने 'एल्गार परिषद' में हिस्सा लिया था, जिसका आयोजन भीमा-कोरेगांव की लड़ाई के 200 साल पूरे होने के मौके पर किया गया था.

मेवाणी ने कथित तौर पर कहा था, 'नव पेशवा के सामने अगर हमें जीतना है, भीमा कोरेगांव के इस लड़ाई को आगे लेके जाना है, उस संघर्ष को आगे ले जाना है, उस संघर्ष से अगर प्रेरित होना है, ये चुनावी राजनीति से नहीं होगा. मैं मानता हूं कि जनता की लड़ाई लड़ने वाले कुछ लोग, गुजरात की और महाराष्ट्र की असेंबली में होने चाहिए. इस देश की पार्लियामेंट में भी होने चाहिए. लेकिन जाति उन्मूलन तो सड़कों की लड़ाई से होगा. एक वर्ग का दूसरे वर्ग पे, जो शासन है, वो सड़कों की लड़ाई से खत्म होगा.

वहीं खालिद ने कथित तौर पर कहा, 'भीमा कोरेगांव की इस लड़ाई को आनेवाला कल बना सकते हैं. उन्होंने हमला किया, पलटवार की बारी है. लड़ाई को लड़ेंगे और यह लड़ाई जीतना है, उन शहीदों को श्रद्धांजलि रहेगी. और नव पेशवा का खात्मा ही भीमा कोरेगांव के शहीदों को श्रद्धांजिल रहेगी.

इस कार्यक्रम में दिए गए भाषण के खिलाफ अक्षय बिक्कड़ और आनंद धोंड ने शिकायत दर्ज कराई थी. पुणे के कोरेगांव हिंसा के बाद बुधवार को बुलाए गए महाराष्ट्र बंद के मामले में पुलिस ने अब तक 16 एफआईआर दर्ज किये हैं और 300 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के बाद दलित संगठनों के आह्वान पर बुधवार को करीब दस घंटे तक महाराष्ट्र बंद के दौरान हुई हिंसा में नांदेड़ जिले में एक छात्र (16) की मौत हो गई.

बंद के दौरान मुंबई में भी हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं और राज्य के अधिकांश हिस्सों में जन-जीवन प्रभावित रहा.

गौरतलब है कि पुणे जिले के कोरेगांव-भीमा में सोमवार को हुए दंगे में नादेड़ के एक युवक की मौत के विरोध में भारिपा बहुजन महासंघ और अन्य दलों की ओर से महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया था.

 

बुधवार देर शाम दलित संगठनों ने इस बंद को वापस ले लिया था.