समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 12अक्टूबर। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के जहां सात महीने से ज्यादा का वक्त गुजर गया है तो वहीं अब युद्ध बेहद संगीन मोड़ पर पहुंच चुका है. इस बीच G-7 की ताजा इमरजेंसी मीटिंग में जी-7 देशों ने रूस को धमकी दी है कि अगर यूक्रेन पर केमिकल, बायोलॉजिकल या न्यूक्लियर अटैक हुआ तो बहुत बुरे अंजाम भुगतने पड़ेंगे. एक तरफ जहां अमेरिका ने युद्ध में अपने सैनिक भेजने से साफ इनकार कर दिया है वहीं बेलारूस ने अपनी सेना को यूक्रेन बॉर्डर पर तैनात कर दिया है, जहां पहले से ही हजारों रूसी सैनिक मौजूद हैं.
रूस से युद्ध नहीं चाहता है अमेरिका
जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से मदद की गुहार लगाई है लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की तरफ से बड़ा बयान आया है. अमेरिका ने साफ किया है कि वो रूस के साथ किसी भी तरह का संघर्ष नहीं चाहता है. इसीलिए यूक्रेन में अमेरिका अपने सैनिक नहीं भेजेगा. व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिका रूस से सीधी भिड़ंत नहीं चाहता है.
इससे पहले व्हाइट हाउस की तरफ से बयान दिया गया था कि क्रीमिया पुल के हमले के बारे में हम कुछ नहीं कह सकते हैं, यह युद्ध पुतिन ने शुरू किया था वही इसे खत्म करने के बारे में सोच सकते हैं. हालांकि अमेरिका ने कहा है कि वह यूक्रेन को हथियार की मदद करता रहेगा. वहीं G-20 की बैठक में पुतिन के साथ मुलाकात की संभावना पर बाइडेन ने कहा-ये ‘निर्भर करेगा.
बाइडेन का कहना है कि वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फिर से हरा सकते हैं. वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच आज बड़ी बैठक के आसार हैं. आज रूस के राष्ट्रपति पुतिन और तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन की मुलाकात हो सकती है. दोनों नेता कजाकिस्तान में मिल सकते हैं. इस दौरान पश्चिमी देशों के साथ वार्ता के प्रस्ताव पर चर्चा संभव है.
अमेरिका और खुद राष्ट्रपति बाइडेन कई बार परमाणु हमले के खतरे का जिक्र कर चुके हैं. हाल ही में बाइडेन ने कहा था कि दुनिया पर परमाणु हमले का खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने इस दौरान कहा कि पुतिन को वो अच्छी तरह से जानते हैं और वो (पुतिन) मजाक नहीं कर रहे हैं.
भारत ने अपना पक्ष साफ किया, दी चेतावनी
रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत ने हमेशा अपना पक्ष साफ रखा है, लेकिन सोमवार को रूस की ओर यूक्रेन पर किए गए एयर स्ट्राइक को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर यूक्रेन पर रूसी मिसाइल अटैक को लेकर कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना और आम नागरिकों की मौत का कारण बनाना स्वीकार करने लायक नहीं है.
एस जयशंकर ने कहा कि इस संघर्ष से किसी का भी भला नहीं हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि यह संघर्ष दुनिया के एक बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा रहा है, क्योंकि इसकी वजह से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर बहुत ही गलत तरह से असर पड़ रहा है. विदेश मंत्री ने एक बार फिर कहा कि रूस और यूक्रेन विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और वार्ता के रास्ते पर लौटना होगा.
(इनपुट- एजेंसी)