समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28नवंबर। अमेरिका की एक सिख संस्था ने न्यूयॉर्क में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू के साथ गुरुद्वारे में धक्का-मुक्के किए जाने की सप्ताहांत में हुई घटना की निंदा की. इसके साथ ही गुरुद्वारा प्रबंधन से इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की. ‘सिख ऑफ अमेरिका’ संस्था ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि गुरुद्वारा एक पूजा स्थल हैं और लोगों को यहां आकर व्यक्तिगत राजनीतिक विचारों को दूर रखना चाहिए.
दरअसल, न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में हिक्सविले गुरुद्वारे के दौरे के दौरान खालिस्तान समर्थक तत्वों के एक समूह ने संधू को घेर लिया और उनके साथ बदसलूकी की. घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें पन्नू के समर्थक को भारतीय राजदूत से बदसलूकी करते देखा जा सकता है. घटना के बाद सिख समुदाय के लोगों ने उपद्रवियों को गुरुद्वारे से बाहर निकाल दिया.
सख्त कार्रवाई करने की अपील की
सिख ऑफ अमेरिका के संस्थापक और अध्यक्ष जसदीप सिंह जस्सी और इसके अध्यक्ष कंवलजीत सिंह सोनी ने एक बयान में कहा, “हम गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधन से इन उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील करते हैं, ताकि न्यूयॉर्क में शांतिप्रिय सिख समुदाय बिना किसी डर या दबाव के कभी भी गुरुद्वारों में आ सके.”
गुरुद्वारा साहिब की शांति एवं पवित्रता को भंग किया
उन्होंने कहा, “राजदूत संधू गुरुद्वारा साहिब में अरदास करने गए थे और यहां के प्रबंधन ने उन्हें सिरोपा साहिब से सम्मानित किया. उसके बाद कुछ उपद्रवियों ने उनका अनादर करने की कोशिश की और गुरुद्वारा साहिब की शांति एवं पवित्रता को भंग किया. उन्होंने कहा गुरुद्वारा पूजा स्थल हैं और लोगों को यहां व्यक्तिगत राजनीतिक विचारों से मुक्त रहना चाहिए. बयान में कहा गया कि ‘सिख ऑफ अमेरिका’ न्यूयॉर्क में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू के हुए अपमान की कड़ी निंदा करता है.