समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28नवंबर। उत्तराखंड की सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल में 12 नवंबर से फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए हर कोशिश की जा रही है. रेस्क्यू के दौरान कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. अब मैन्युअल ड्रिलिंग की जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौके पर मौजूद हैं.
जानकारी के मुताबिक, सुरंग के अंदर मैनुअल ड्रिलिंग चल रही है और पाइप को धकेलने के लिए बरमा मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऑगर मशीन के खराब हो जाने के बाद अब हाथ से खुदाई करने का फैसला किया गया था.
माइक्रो टनलिंग एक्सपर्ट क्रिस कूपर ने बताया कि कल रात यानी 27 नवंबर की रात काम बहुत अच्छा हुआ. उन्होंने कहा कि 50 मीटर पार किया जा चुका है. अब लगभग 5-6 मीटर जाना बाकी है. कल रात हमारे सामने कोई बाधा नहीं थी. यह बहुत अच्छा लग रहा है. अब काफी चीजें सकारात्मक लगने लगी हैं.
#WATCH | Uttarkashi (Uttarakhand) tunnel rescue | Visuals from the Silkyara tunnel where the operation to rescue 41 workers is ongoing.
First visuals of manual drilling ongoing inside the rescue tunnel. Auger machine is being used for pushing the pipe. So far about 2 meters of… pic.twitter.com/kXNbItQSQR
— ANI (@ANI) November 28, 2023
पीएम मोदी बनाए हुए हैं नजर
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दो हफ्ते से उत्तराखंड सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए चल रहे बचाव अभियान में सरकार और विभिन्न एजेंसियों के सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया. उन्होंने बचाव प्रयासों के दौरान प्रकृति द्वारा उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से फंसे हुए मजदूरों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए प्रार्थना करने को कहा.
बता दें कि, ‘रैट हॉल माइनिंग’ एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है, जो सुरंग में मलबे को हाथ से साफ कर रहे हैं. अगर कहीं सरिया या गर्डर या अन्य प्रकार की मुश्किलें आईं तो मशीन से उसे काटा जाएगा और फिर मशीन से पाइपों को अंदर डाला जाएगा. इससे पहले ऑगर मशीन का इस्तेमाल किया जाना था, लेकिन मशीन खराब होने के बाद मैनुअल ड्रिलिंग के जरिए मजदूरों को निकालने की कोशिश की जा रही है.