गौरव गोगोई के बिगड़े बोल, कहा- असम में बांग्लादेश से आए हिंदुओं को नागरिकता देना चाहती है बीजेपी, मणिपुर जैसा हो जाएगा इस राज्य का हाल:

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समग्र समाचार सेवा
माजुली, 13अप्रैल। बीजेपी असम में बांग्लादेश से आए सदाशयी हिंदुओं को CAA के तहत नागरिकता देना चाहती है, और इसके लिए बीजेपी इन लोगों से अपने बारे में झूठ तक बोलने को कह रही है. ये दावा कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने किया है. गौरव गोगोई ने कहा कि इस तरह के बदलाव की कोशिश के चलते असम का हाल मणिपुर जैसा हो सकता है. स्थानीय लोग इसके खिलाफ खड़े हो जाएंगे. जैसे मणिपुर में दो समुदायों के बीच हिंसा ने पूरे राज्य की स्थिति बदल दी है.

राज्य में मणिपुर जैसी स्थिति उत्पन्न करेगी: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर असम के सदाशयी बंगाली हिंदुओं को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत नागरिकता प्राप्त करने के लिए उनके मूल के बारे में झूठ बोलने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि “फूट डालो और राज करो” की यह नीति राज्य में मणिपुर जैसी स्थिति उत्पन्न करेगी.

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने एक साक्षात्कार में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के क्रियान्वयन पर केंद्र की आलोचना की और दावा किया कि वह (केंद्र) उन लोगों को “भारतीय नागरिकता पाने के लिए झूठ बोलने को मजबूर कर रहा है, जिन्हें एनआरसी’’ में शामिल नहीं किया गया था. उन्होंने दावा किया कि सीएए का मुख्य उद्देश्य असम में जन्मे उन बंगाली हिंदुओं को लाभ पहुंचाना है, जो किसी कारण से राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में शामिल नहीं हैं.

असम में बांग्ला और असमिया भाषी लोगों के बीच दरार पैदा: गौरव गोगोई ने कहा, “अब,असम में जन्मे इन बांग्ला भाषी नागरिकों को उपाय के तौर पर यह स्वीकारने को कहा गया है कि वे बांग्लादेश से आए शरणार्थी हैं. यह शर्म की बात है और यह उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है.” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बांग्ला भाषी लोगों से झूठे, गुमराह करने वाले वादे किए और अब कम से कम असम में बांग्ला और असमिया भाषी लोगों के बीच दरार पैदा कर रही है.

गौरव गोगोई ने चेतावनी दी, “यह हमें याद दिलाता है कि उन्होंने दो मणिपुर कैसे बनाए और इस तरह की ‘फूट डालो और राज करो’ की राजनीति के कारण कुछ वैसा ही हो सकता है.” अंतिम एनआरसी 31 अगस्त, 2019 को जारी किया गया था और इसमें 19 लाख से अधिक लोगों को शामिल नहीं किया गया था. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार अनिवार्य रूप से इन लोगों को उनके मूल और विरासत के बारे में झूठ बोलने के लिए मजबूर कर रही है, जिससे उनके और उनके पड़ोसियों के बीच कलह की भावना पैदा होगी.’’

BJP ने बांग्ला भाषी हिंदुओं की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचायी: गोगोई ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार ने समाज में उनकी (बांग्ला भाषी हिंदुओं की) प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचायी है. मुझे लगता है कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. हम एक वास्तविक और त्रुटि रहित एनआरसी चाहते थे. उन सभी बांग्ला भाषी लोगों को एनआरसी में शामिल किया जाना चाहिए था, जो वास्तविक भारतीय नागरिक हैं.” उन्होंने कहा कि यदि लोगों के नाम अवैध तरीके से एनआरसी में शामिल किए गए हैं, तो उनकी पहचान की जानी चाहिए और कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए.

यह पूछे जाने पर कि असम में विपक्षी गठबंधन विफल क्यों हुआ, कांग्रेस नेता ने दावा किया, “मोटे तौर पर गठबंधन ने बहुत अच्छा काम किया. हर राज्य में हमारी अलग-अलग तस्वीरें हैं. केरल में हम मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के खिलाफ हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में हम एकसाथ हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में, आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस एक साथ लड़ रहे हैं, लेकिन पंजाब में, हम अलग-अलग लड़ रहे हैं. हर राज्य में राजनीतिक वास्तविकता अलग है. मतदाता बुद्धिमान और परिपक्व हैं, वे समझते हैं कि क्या हो रहा है.” पिछले कुछ हफ्तों में अपने कई करीबी सहयोगियों के भाजपा में शामिल होने को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए गोगोई ने कहा कि वह असम के लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आए हैं.

इनपुट: एजेंसी

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