नई दिल्ली, 27 अक्तूबर.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 115वें एपिसोड में देशवासियों से जुड़ते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने देश में बढ़ते साइबर अपराध ‘डिजिटल अरेस्ट’ का विशेष रूप से उल्लेख किया और इसके खतरे से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि कैसे यह धोखाधड़ी का नया तरीका लोगों में भय पैदा कर उनके मेहनत की कमाई को निशाना बना रहा है।
Tune in for a special #MannKiBaat episode as we discuss various topics. https://t.co/4BspxgaLfw
— Narendra Modi (@narendramodi) October 27, 2024
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट एक ऐसा फरेबी तरीका है जिसमें धोखेबाज खुद को सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बताकर लोगों को धमकाते हैं कि उन्हें ऑनलाइन गिरफ्तार किया गया है और उनसे जुर्माना वसूलने का प्रयास करते हैं। पीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कॉल या वीडियो कॉल के माध्यम से पैसे नहीं मांगती है और न ही किसी व्यक्ति को धमकाती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि ऐसी कोई कॉल आए, तो डरें नहीं और इसे नज़रअंदाज़ करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ के श्रोताओं को ‘रूको, सोचो और एक्शन लो’ का मंत्र देते हुए कहा कि इस प्रकार के साइबर फरेब से निपटने का यही सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस प्रकार की धोखाधड़ी से सचेत रहें और खुद की मेहनत की कमाई को बचाएं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम के नायक बिरसा मुंडा को भी याद किया और उनके बलिदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए समाज और देश के लिए महान योगदान दिया।
प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम के एक दिन पहले ही ‘मन की बात’ पर आधारित नई पुस्तक ‘मोदी संवाद’ का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी के विभिन्न एपिसोड्स के संवाद संकलित हैं और यह लोगों को उनकी सोच और दृष्टिकोण को समझने का अवसर प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश ने देशभर में जागरूकता फैलाई है और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों से बचाव का महत्वपूर्ण मार्ग प्रशस्त किया है।