समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,4 मार्च। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा से पहचान, संस्कृति और क्षेत्रीय अस्मिता को लेकर बहस छिड़ी रही है। लेकिन इस बार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले ‘बाहरी बनाम बंगाली’ का नैरेटिव तेज कर दिया है। यह कोई नया मुद्दा नहीं है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही उन्होंने इसे फिर से हवा दी है। सवाल यह है कि ममता बनर्जी ने अचानक यह ‘वोटर युद्ध’ क्यों छेड़ दिया है? और इसका राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है? आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।