समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन,20 मार्च। अमेरिका में विदेशी पर्यटकों की संख्या में अचानक गिरावट देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीतियां और उनकी विभाजनकारी बयानबाजी एक प्रमुख कारण हो सकती हैं।
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित कमी आई है, जबकि आमतौर पर यह आंकड़ा हर साल बढ़ता रहा है। उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि कठोर आव्रजन नीतियों, वीज़ा प्रक्रियाओं में सख्ती और राजनीतिक बयानबाजी के चलते अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में अमेरिका को लेकर एक नकारात्मक धारणा बनी है, जिससे यह गिरावट आई है।
पर्यटन अमेरिका की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अरबों डॉलर का योगदान देता है और लाखों नौकरियों को सहारा देता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति इस क्षेत्र को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। होटल व्यवसाय, विमानन क्षेत्र और पर्यटन स्थलों पर इस गिरावट का सीधा असर दिखने लगा है।
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की प्रशासनिक नीतियां अक्सर विवादित और ध्रुवीकरण वाली रही हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कई बार विदेशी नागरिकों, खासकर मुस्लिम और लैटिन अमेरिकी देशों से आने वाले पर्यटकों को लेकर सख्त बयानबाजी की गई, जिससे अमेरिका की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई। इसके अलावा, वीज़ा प्रक्रियाओं में बदलाव और कई देशों पर यात्रा प्रतिबंध (ट्रैवल बैन) भी इस गिरावट का एक बड़ा कारण माने जा रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका को अपने विदेशी पर्यटन बाजार को फिर से मजबूत करना है, तो उसे नीतियों में बदलाव और एक स्वागतयोग्य माहौल बनाने की जरूरत होगी। वर्तमान प्रशासन के लिए यह एक चुनौती हो सकती है कि कैसे वह वैश्विक यात्रियों को अमेरिका की ओर आकर्षित कर सके और बीते वर्षों में बनी नकारात्मक छवि को सुधार सके।
अगर यह गिरावट जारी रहती है, तो इसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि पर्यटन से जुड़ी कई कंपनियां पहले ही इस मंदी से प्रभावित हो चुकी हैं।