समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,24 मार्च। आतंकियों की बंदूकें दागने की कतार अब नजर नहीं आती। हमारे सैनिकों की शहादत और बलिदान अब राजनीतिक बहस का विषय बन चुके हैं, जिस पर विपक्षी नेता सवाल उठा रहे हैं। 80 दिनों में 113 नक्सली कैसे मारे गए? सुहिला को क्यों बख्शा गया? ये और ऐसे ही कई सवाल राज्यसभा में उठाए गए, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया और सबको चौंका दिया। इस बीच, हम देखेंगे कि मात्र 80 दिनों में 113 नक्सली कैसे मारे गए।