- लखीमपुर की रूपमणि गढ़ ने माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रचा।
- असम की पहली महिला के रूप में एवरेस्ट शिखर पर चढ़कर राज्य का नाम रोशन किया।
- अभियान की उप-नेत्री वनिता तिमुंगपी ने भी अपने नेतृत्व से इस सफलता को चमकाया।
- एवरेस्ट शिखर पर असम का गौरव
समग्र समाचार सेवा
असम, 24 मई: असम के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण में, लखीमपुर की रूपमणि गढ़ ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर असम की पहली महिला के रूप में इतिहास रच दिया है। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर उनकी इस सफलता ने पूरे राज्य में खुशी और गर्व की लहर दौड़ा दी है।
इस अभियान में वनिता तिमुंगपी ने उप-नेत्री के रूप में असाधारण नेतृत्व का प्रदर्शन किया और अपनी टीम का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन किया। उनके साहस, नेतृत्व और दृढ़ संकल्प ने इस ऐतिहासिक अभियान को और अधिक गौरवशाली बना दिया है।
रूपमणि गढ़ और वनिता तिमुंगपी की यह सफलता नारी शक्ति के अदम्य साहस, दृढ़ता और मजबूत मनोबल का एक जीता-जागता उदाहरण बन गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी यह उपलब्धि असम और देश की कई युवा बेटियों को नए सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी।
असम की इन दो साहसी बेटियों की इस असाधारण सफलता पर विभिन्न क्षेत्रों से बधाई और शुभकामनाएं मिल रही हैं।