24 मई राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
दूर से अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। सामाजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। व्यापार ठीक चलेगा। परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।

🐂वृष
वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनोरंजन के साधन प्राप्त होंगे। तीर्थदर्शन की योजना बनेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। परिवार के साथ रहने का अवसर प्राप्त होगा। लाभ होगा।

👫मिथुन
चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी व लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। हल्की हंसी-मजाक न करें। विवाद हो सकता है। किसी व्यक्ति की नाराजी से मन खराब होगा। मित्रों तथा रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। मनोरंजन होगा।

🦀कर्क
बुद्धि का प्रयोग किसी भी समस्या का निवारण कर सकता है, यह याद रखें। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मित्रों का सहयोग व साथ मिलेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यापार ठीक चलेगा। समय सुखमय व्यतीत होगा।

🐅सिंह
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है। कोई आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। मित्रों के साथ समय मनोरंजक बीतेगा।

🙍‍♀️कन्या
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। तनाव रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। यात्रा में विशेष सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी मनोरंजक कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।

⚖️तुला
बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। बाहर जाने की योजना बनेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार के साथ समय मनोरंजन में व्यतीत होगा। आय होगी। व्यापार ठीक चलेगा।

🦂वृश्चिक
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। मनोरंजन का समय मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। कारोबारी वृद्धि की योजना बनेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय की अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से कोई भी कार्य न करें। विवाद में न पड़ें।

🏹धनु
थकान व कमजोरी रह सकती है। खान-पान पर ध्यान दें। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों की सहायता करने का मौका मिलेगा। समय अच्छा व्यतीत होगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
विवाद को बढ़ावा न दें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बनेगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। कोई बड़ा कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। कुसंगति से दूर रहें। हानि संभव है।

🍯कुंभ
उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जल्दबाजी न करें।

🐟मीन
वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्‍थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवेक से कार्य करें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

|| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||
🌞🙏 पंचांग 🙏🌞
🍁🥀🌺🌿🐟🙏🌼🌻🪻💐
दिनाँक:-24/05/2026,रविवार
नवमी, शुक्ल पक्ष,
अधिक ज्येष्ठ
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———– नवमी 28:30:09 तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र——— पूoफाo26:50:04
योग————- हर्शण 27:43:38
करण———- बालव 16:23:27
करण———- कौलव 28:30:09
वार———————— रविवार
माह—————– अधिक ज्येष्ठ
चन्द्र राशि—————— सिंह
सूर्य राशि—————– वृषभ
रितु————————- ग्रीष्म
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर——————- पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————— रौद्र
विक्रम संवत————— 2083
गुजराती संवत————- 2082
शक संवत—————– 1948
कलि संवत—————- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:27:39
सूर्यास्त————— 19:04:45
दिन काल————- 13:37:06
रात्री काल————- 10:22:32
चंद्रोदय————— 12:57:10
चंद्रास्त—————- 25:36:58

लग्न—- वृषभ 8°38′ , 38°38′

सूर्य नक्षत्र—————– कृत्तिका
चन्द्र नक्षत्र———- पूर्वा फाल्गुनी
नक्षत्र पाया—————— रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

मो—- पूर्वा फाल्गुनी 08:15:06

टा—- पूर्वा फाल्गुनी 14:24:22

टी—- पूर्वा फाल्गुनी 20:36:03

टू—- पूर्वा फाल्गुनी 26:50:04

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= वृषभ 08°12 , कृतिका 4 ए
चन्द्र= सिंह 15°30 , पूo फाo 1 मो
बुध = वृषभ 19°52 ‘ रोहिणी 3 वी
शु क्र= मिथुन 11°05, आर्द्रा 2 घ
मंगल= मेष 09°23 अश्वनी 3 चो
गुरु= मिथुन 28°33 पुनर्वसु, 3 हा
शनि=मीन 17°30 ‘ रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 10°27 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 10°27 मघा 4 मे
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 17:23 – 19:05 अशुभ
यम घंटा 12:16 – 13:58 अशुभ
गुली काल 15:40 – 17:23 अशुभ
अभिजित 11:49 – 12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 17:16 – 18:10 अशुभ
वर्ज्यम 10:18 – 11:56 अशुभ
प्रदोष 19:05 – 21:10 शुभ

💮चोघडिया, दिन

उद्वेग 05:28 – 07:10 अशुभ
चर 07:10 – 08:52 शुभ
लाभ 08:52 10:34 शुभ
अमृत 10:34 – 12:16 शुभ
काल 12:16 13:58 अशुभ
शुभ 13:58 – 15:40 शुभ
रोग 15:40 – 17:23 अशुभ
उद्वेग 17:23 – 19:05 अशुभ

उद्वेग 17:23 – 19:05 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 19:05 – 20:23 शुभ
अमृत 20:23 – 21:40 शुभ
चर 21:40 – 22:58 शुभ
रोग 22:58 – 24:16* अशुभ
काल 24:16* – 25:34* अशुभ
लाभ 25:34* – 26:52* शुभ
उद्वेग 26:52* – 28:09* अशुभ
शुभ 28:09* – 29:27* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 05:28 -06:36
शुक्र 06:36- 07:44
बुध 07:44 -08:52
चन्द्र 08:52- 10:00
शनि 10:00- 11:08
बृहस्पति 11:08- 12:16
मंगल 12:16 -13:24
सूर्य 13:24 -14:32
शुक्र 14:32- 15:40
बुध 15:40 -16:49
चन्द्र 16:49 -17:57
शनि 17:57- 19:05

🚩होरा, रात

बृहस्पति 19:05 -19:57
मंगल 19:57- 20:49
सूर्य 20:49 -21:40
शुक्र 21:40 -22:32
बुध 22:32- 23:24
चन्द्र 23:24- 24:16
शनि 24:16-25:08
बृहस्पति 25:08-25:59
मंगल 25:59-26:52
सूर्य 26:52-27:44
शुक्र 27:44-28:35
बुध 28:35’29:27

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

वृषभ > 04:54 से 06:54 तक
मिथुन > 06:54 से 09:08 तक
कर्क > 09:08 से 11:28 तक
सिंह > 11:28 से 13:44 तक
कन्या > 13:44 से 15:58 तक
तुला > 15:58 से 18:16 तक
वृश्चिक > 18:16 से 20:36 तक
धनु > 20:36 से 22:40 तक
मकर > 22:40 से 00:26 तक
कुम्भ > 00:26 से 01:58 तक
मीन > 01:58 से 03:26 तक
मेष > 03:26 से 04:56 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

9 + 1 + 1 = 11 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

9 + 9 + 5 = 23 ÷ 7 = 2 शेष

गौरी सान्निध्यौ = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*सर्वार्थ सिद्धि योग 26:50 से

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

स्त्येन धार्यते पृथ्वी स्त्येन तपते रविः ।
स्त्येन वाति वायुश्च सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम् ।।
।।चाoनीo।।

आदमियों में नाई सबसे धूर्त है. कौवा पक्षीयों में धूर्त है. लोमड़ी प्राणीयो में धूर्त है. औरतो में लम्पट औरत सबसे धूर्त है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7

कामैस्तैस्तैर्हृतज्ञानाः प्रपद्यन्तेऽन्यदेवताः।
तं तं नियममास्थाय प्रकृत्या नियताः स्वया॥

उन-उन भोगों की कामना द्वारा जिनका ज्ञान हरा जा चुका है, वे लोग अपने स्वभाव से प्रेरित होकर उस-उस नियम को धारण करके अन्य देवताओं को भजते हैं अर्थात पूजते हैं
॥20॥
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

————————————–
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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