- पांच मुस्लिम छात्रों के निष्कासन पर विद्यालय समिति आज अंतिम निर्णय ले सकती है।
- एक नाबालिग छात्र को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, उसकी मां गिरफ्तार।
- जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
- स्थानीय संगठनों की दखल के बाद विवाद ने व्यापक रूप ले लिया
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 9 जून: असम के गोलपाड़ा जिले के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में टिफिन में कथित रूप से बीफ लाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गया है। मामले में पांच मुस्लिम छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है और विद्यालय प्रबंधन विकास समिति (एसएमडीसी) मंगलवार को उनके निष्कासन पर अंतिम निर्णय ले सकती है।
घटना 5 जून की बताई जा रही है। आरोप है कि कक्षा 9 के पांच छात्रों ने अपने टिफिन में लाया गया बीफ दो हिंदू सहपाठियों को खाने के लिए देने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों छात्रों ने शिक्षकों को इसकी जानकारी दी। विद्यालय प्रशासन ने शुरुआत में मामले को स्कूल स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों के घर पहुंचने के बाद यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर फैल गया और विभिन्न संगठनों की दखलंदाजी से विवाद बढ़ गया।
पुलिस के अनुसार, टिफिन जिस छात्र का था, उसे किशोर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जबकि उसकी मां को धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चार अन्य छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है। शिकायत दो हिंदू छात्रों के अभिभावकों द्वारा दर्ज कराई गई थी।
प्रशासन ने शुरू की जांच
विवाद बढ़ने के बाद जिला आयुक्त प्रदीप तिमुंग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नबनीत महंता ने विद्यालय का दौरा किया। जिला प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही विद्यालयों में टिफिन को लेकर नए दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
सामुदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
स्थानीय छात्र नेता मनीदुल इस्लाम ने छात्रों के निष्कासन का विरोध करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में साम्प्रदायिक सौहार्द और सामाजिक शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।