सीबीएसई पाठ्यक्रम में शामिल हुई खासी और गारो भाषाएं
सीबीएसई भाषा पाठ्यक्रम में जोड़ी गईं खासी और गारो भाषाएं।
२०२६-२७ शैक्षणिक सत्र से स्कूल इन्हें वैकल्पिक तीसरी भाषा के रूप में पढ़ा सकेंगे।
उत्तर-पूर्व की क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में बड़ा कदम।
समग्र…
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