दिल्ली की झुग्गी में पहुंचे राहुल गांधी, वोटर लिस्ट से नाम कटने पर उठाए सवाल

बेला एस्टेट का दौरा कर कांग्रेस नेता ने कहा—728 में से 727 लोगों के नाम सूची से हटाए गए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और व्यवस्था को दी चेतावनी।

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  • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के यमुना किनारे बेला एस्टेट झुग्गी बस्ती का दौरा कर स्थानीय निवासियों की समस्याएं सुनीं.
  • उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद यहां के 728 मतदाताओं में से 727 के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं.
  • राहुल गांधी ने इस दौरान एसडीएम से फोन पर बातचीत की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘वोट चोरी’ करार दिया.

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 सितंबर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की राजनीति में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अचानक दिल्ली के यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती में पहुंचे। वहां उन्होंने स्थानीय निवासियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक प्रक्रिया के नाम पर गरीबों के मताधिकार को छीना जा रहा है और सोची-समझी रणनीति के तहत उनके नाम वोटर लिस्ट से गायब किए जा रहे हैं।

728 में से सिर्फ 1 मतदाता सूची में बचा, बाकी के नाम कटे

मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए सनसनीखेज खुलासे किए। उन्होंने बताया कि बेला एस्टेट झुग्गी बस्ती में कुल 728 लोग रहते हैं, जो पिछले कई वर्षों से यहीं निवास कर रहे हैं और 2024 के लोकसभा तथा 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपने मत का प्रयोग भी कर चुके हैं। लेकिन एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब नई ड्राफ्ट सूची सामने आई, तो उसमें 728 में से 727 लोगों के नाम काट दिए गए हैं और केवल एक व्यक्ति का नाम सूची में बचा है।

एसडीएम से फोन पर बातचीत और चुनाव आयोग पर हमला

दौरे के दौरान राहुल गांधी ने स्थिति का जायजा लेते हुए फोन पर संबंधित एसडीएम (SDM) से बातचीत की और कड़े शब्दों में पूछा कि किस आधार पर और किन नियमों के तहत झुग्गीवासियों के नाम काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार खुद यह कह चुके हैं कि ‘हाउस नंबर 0’ बेघरों और झुग्गीवासियों के लिए होता है, इसके बावजूद इस तरह बड़े पैमाने पर नाम हटाना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अधिकारी और मुख्य चुनाव आयुक्त बदल जाएंगे, लेकिन इस तरह की व्यवस्था और ‘वोट चोरी’ के लिए सिस्टम को एक दिन जनता के सामने जवाब देना ही होगा। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

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