अरब सागर में बड़ा ड्रग्स भंडाफोड़, 3000 करोड़ की खेप जब्त
भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस के संयुक्त अभियान में ईरानी नाव से 526 किलो नशीले पदार्थ बरामद, पांच पाकिस्तानी तस्कर गिरफ्तार।
- भारतीय तटरक्षक बल (ICG) और गुजरात एटीएस ने अरब सागर में एक संयुक्त खुफिया ऑपरेशन के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के ड्रग्स जब्त किए हैं।
- लक्षद्वीप के पास एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद की गई है।
- इस कार्रवाई के दौरान नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें आगे की जांच के लिए मुंबई लाया गया है।
समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 1 अक्टूबर: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने समुद्र के रास्ते देश में फैलाए जा रहे नैटवर्क के खिलाफ एक ऐतिहासिक और बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) के साथ मिलकर एक सुनियोजित खुफिया ऑपरेशन (Intelligence-led Operation) के तहत अरब सागर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लक्षद्वीप के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में की गई इस छापेमारी के दौरान एक संदिग्ध ईरानी नाव से 526 किलोग्राम अवैध नशीले पदार्थ (हेरोइन और मेथामफेटामाइन) जब्त किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन जप्तशुदा ड्रग्स की कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी और मुंबई बंदरगाह पर पूछताछ
तटरक्षक बल के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान के दौरान नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया है। यह नाव और इसमें सवार संदिग्ध तस्कर अवैध रूप से मादक पदार्थों की तस्करी को अंजाम देने की फिराक में थे। सुरक्षाबलों ने खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अचूक सामरिक कौशल दिखाते हुए इस ईरानी नाव को घेरा और उसे आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया। इसके बाद पकड़े गए सभी पांचों आरोपियों, नाव और जब्त किए गए भारी मात्रा में ड्रग्स को आगे की कानूनी कार्रवाई और संयुक्त पूछताछ के लिए मुंबई बंदरगाह लाया गया है।
समुद्री सुरक्षा और नशा मुक्त भारत की दिशा में बड़ा कदम
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती से अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को करारा झटका लगा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय तटरक्षक बल और राज्य की खुफिया एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय का ही परिणाम है कि समुद्री मार्गों का उपयोग करके देश की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने की इन साजिशों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। सरकार के ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एजेंसियां अब इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि यह खेप कहाँ से चली थी और इसे भारत के किस हिस्से में या कहाँ सप्लाई किया जाना था। इस कार्रवाई के बाद देश के पूरे पश्चिमी समुद्री तट पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चाक-चौबंद कर दी गई है।