स्वच्छता को रोज की जिम्मेदारी बनाएं: सीआर पाटिल

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  • स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने पर जोर।
  • सफाई कर्मियों के योगदान को सम्मानित किया गया।
  • जनभागीदारी को स्वच्छता अभियान की अहम कड़ी बताया गया।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने स्वच्छता को लेकर लोगों से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी विशेष दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे रोजमर्रा के जीवन, व्यवहार और सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

मंत्री का यह संदेश स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के दौरान सामने आया, जिसका उद्देश्य नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और स्वच्छता को लेकर निरंतर जन-जागरूकता को मजबूत करना है।

विशेष ग्राम सभा में शामिल हुए मंत्री

सी. आर. पाटिल ने गुजरात के नवसारी जिले के चिखली ब्लॉक स्थित मजीगाम गांव में आयोजित विशेष ग्राम सभा में हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था।

इस दौरान उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया और स्वच्छता के प्रति सामूहिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में गुजरात सरकार के मंत्री नरेश पटेल सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

एक दिन का अभियान नहीं, निरंतर प्रयास

सी. आर. पाटिल ने स्वच्छता को केवल एक दिवसीय गतिविधि के बजाय निरंतर चलने वाला प्रयास बताया। उनके अनुसार, स्वच्छता की वास्तविक सफलता तभी संभव है जब इसे लोगों के दैनिक व्यवहार में शामिल किया जाए।

स्वच्छता ही सेवा 2026 का विषय ‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखा गया है। अभियान में नागरिकों, संस्थानों और विभिन्न सरकारी स्तरों की भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।

जनभागीदारी पर विशेष जोर

इस वर्ष के अभियान में जनभागीदारी को प्रमुख आधार बनाया गया है। अभियान के तहत स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, सफाई मित्रों की सुरक्षा एवं सम्मान, नागरिक भागीदारी और स्वच्छता से समृद्धि जैसे विषयों पर काम किया जा रहा है।

सरकार ने स्वच्छता को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही कचरा प्रबंधन और स्रोत पर कचरे के पृथक्करण के प्रति जागरूकता बढ़ाने को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है।

सफाई कर्मियों के योगदान को सम्मान

कार्यक्रम के दौरान सफाई कर्मियों के योगदान को भी रेखांकित किया गया। सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है और स्वच्छता अभियान में उनके सम्मान एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

स्वच्छता से विकसित भारत की दिशा

स्वच्छता ही सेवा अभियान का व्यापक उद्देश्य नागरिकों में स्वच्छता के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित करना और इसे निरंतर जनभागीदारी से जोड़ना है। सी. आर. पाटिल का संदेश भी इसी दिशा में है कि स्वच्छता किसी अभियान की अवधि तक सीमित न रहे, बल्कि समाज की नियमित आदत और जिम्मेदारी बने।

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