3 अक्टूबर दैनिक राशिफल पंचांग

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🐏मेष
कार्यक्षेत्र में आपकी निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार में नए विचारों और नेटवर्किंग से लाभ मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में आपसी समझ बढ़ेगी और दूरियां कम होंगी। धन की स्थिति सामान्य रहेगी, बुद्धिमानी से निवेश करें। मानसिक रूप से तरोताजा रहेंगे, दिन खुशनुमा बीतेगा।

🐂वृषभ
कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, धैर्य बनाए रखें। व्यापारिक मामलों में वित्तीय योजना बनाकर चलना लाभदायक रहेगा। परिवार और प्रियजनों के साथ सुखद समय बिताने का मौका मिलेगा। अनावश्यक लेनदेन से बचें, आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, फिर भी दिनचर्या नियमित रखें।

👫मिथुन
कार्यक्षेत्र में नए प्रोजेक्ट या प्रोजेक्ट विस्तार के अवसर मिलेंगे। व्यापार में साझेदारी और संवाद कौशल से बड़ा लाभ हो सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता और भावनात्मक नजदीकी बनी रहेगी। आय के नए साधन बन सकते हैं, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्फूर्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहेगा।

🦀कर्क
कार्यस्थल पर आपकी मेहनत को सराहा जाएगा और सहयोग मिलेगा। व्यापारिक सौदों में थोड़ी सतर्कता और सोच-समझ की जरूरत है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति और आपसी तालमेल रहेगा। पुराने रुके हुए पैसे वापस मिलने की संभावना बन सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, खानपान पर ध्यान दें।

🐅सिंह
करियर में प्रगति के योग हैं, आपकी नेतृत्व क्षमता चमकेगी। व्यापार में नए सौदों पर बातचीत शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। प्रेम संबंधों में नया उत्साह और आकर्षण बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा, ऊर्जा स्तर ऊंचा रहेगा।

🙎‍♀️कन्या
कार्यक्षेत्र में सतर्कता से काम लें और समय सीमा का ध्यान रखें। व्यापार में किसी भी बड़े निवेश से पहले पूरी जांच-परख कर लें। परिवार में बड़ों की सलाह और सहयोग आपके काम आएगा। आय और व्यय का संतुलन बनाए रखना जरूरी रहेगा। मानसिक तनाव से बचें और पर्याप्त विश्राम लें।

⚖️तुला
नौकरी और करियर में नए अवसर आपका ध्यान आकर्षित करेंगे। व्यापार में रुकी हुई योजनाएं गति पकड़ सकती हैं। दांपत्य व प्रेम जीवन में सामंजस्य और विश्वास बढ़ेगा। अचानक धन लाभ या आर्थिक प्रगति के संकेत हैं। शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रहेंगे।

🦂वृश्चिक
कार्यक्षेत्र में विरोधियों पर आपकी बुद्धिमत्ता भारी पड़ेगी। व्यापारिक योजनाओं में नया मोड़ आ सकता है, सतर्क रहें। पारिवारिक माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा, अपनों का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे मजबूती आएगी। तनाव से दूर रहने के लिए योग या ध्यान का सहारा लें।

🏹धनु
रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और कार्यस्थल पर प्रशंसा होगी। व्यापार में विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाना फायदेमंद रहेगा। संतान पक्ष से खुशी की खबर मिल सकती है। आर्थिक प्रयास सफल होंगे और आय में वृद्धि हो सकती है। उत्साह और आरोग्य अच्छा बना रहेगा।

🐊मकर
कामकाज का दबाव रहेगा, इसलिए कार्यों को प्राथमिकता दें। व्यापारिक मामलों में जल्दबाजी में निर्णय न लें। घर-परिवार में किसी बात को लेकर संयम से बातचीत करें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहद आवश्यक है। शारीरिक थकान महसूस हो सकती है, पर्याप्त आराम करें।

🍯कुंभ
आपकी बुद्धिमानी से कार्यक्षेत्र की जटिल समस्याएं हल होंगी। व्यापार में नए साझेदारों या ग्राहकों से लाभ होगा। मित्रों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, मानसिक शांति मिलेगी।

🐟मीन
कार्यस्थल पर अपनी बात और विचारों को प्रभावी ढंग से रख पाएंगे। व्यापार में मध्यम लाभ के योग हैं, नई रणनीतियों पर ध्यान दें। परिवार में किसी मांगलिक या शुभ कार्य की रूपरेखा बनेगी। बचत पर ध्यान देने से भविष्य के लिए धन संचय होगा। मानसिक और भावनात्मक रूप से संतुष्ट रहेंगे।

दिनाँक:-03/10/2026,शनिवार
सप्तमी, कृष्ण पक्ष,
आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल

तिथि——- सप्तमी 07:59:08. तक
तिथि–अष्टमी 29:51:11 (क्ष य)
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र———- आर्द्रा 25:28:54
योग——– वरियान 15:20:39
करण———– बव 07:59:08
करण——— बालव 18:54:02
करण——————– कौलव
वार——— शनिवार 29:51:11
माह——————– आश्विन
चन्द्र राशि—————– मिथुन
सूर्य राशि—————— कन्या
रितु———————— शरद
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:13:54
दिन काल———– 11:48:15
चंद्रास्त————– 13:04:52
सूर्यास्त————– 18:02:10
रात्री काल———– 12:12:13
चंद्रोदय————– 23:27:17

लग्न—-कन्या15°36′ 165°36′

सूर्य नक्षत्र—————— हस्त
चन्द्र नक्षत्र—————– आर्द्रा
नक्षत्र पाया—————- लोहा

💮🚩💮 पद, चरण 💮🚩💮

कु—- आर्द्रा 08:32:08

घ—- आर्द्रा 14:10:31

ङ—-आर्द्रा 19:49:26

छ—- आर्द्रा 25:28:54

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 16°30 , हस्त 2 ष
चन्द्र= वृषभ 16°30 , आर्द्रा 3 ङ
बुध = तुला 09°52 ‘ स्वाति 1 रू
शु क्र= तुला 14°05, स्वाति 3 रो
मंगल= कर्क 08°17 पुष्य 2 हे
गुरु= कर्क 25°33 आश्लेषा , 3 डे
शनि=मीन 17°10 ‘ रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 03°25 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 03°25 मघा 2 मी
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 09:11 – 10:40 अशुभ
यम घंटा 13:37 – 15:05 अशुभ
गुली काल 06:14 – 07:42 अशुभ
अभिजित 11:44 – 12:32 शुभ
दूर मुहूर्त 07:48 – 08:36 अशुभ
वर्ज्यम 10:48 – 12:19 अशुभ
प्रदोष 18:02 – 20:31. शुभ

🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:37* – 29:26* शुभ

💮चोघडिया, दिन

काल 06:14 07:42 अशुभ
शुभ 07:42 – 09:11 शुभ
रोग 09:11 – 10:40 अशुभ
उद्वेग 10:40 – 12:08 अशुभ
चर 12:08 – 13:37 शुभ
लाभ 13:37 – 15:05 शुभ
अमृत 15:05 – 16:34 शुभ
काल 16:34 18:02 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

लाभ 18:02 19:34 शुभ
उद्वेग 19:34 – 21:05 अशुभ
शुभ 21:05 – 22:37 शुभ
अमृत 22:37 – 24:08* शुभ
चर 24:08* – 25:40* शुभ
रोग 25:40* – 27:11* अशुभ
काल 27:11* – 28:43* अशुभ
लाभ 28:43* – 30:14* शुभ

💮होरा, दिन

शनि 06:14- 07:13
बृहस्पति 07:13- 08:12
मंगल 08:12- 09:11
सूर्य 09:11 -10:10
शुक्र 10:10- 11:09
बुध 11:09- 12:08
चन्द्र 12:08 -13:07
शनि 13:07- 14:06
बृहस्पति 14:06 -15:05
मंगल 15:05- 16:04
सूर्य 16:04 -17:03
शुक्र 17:03- 18:02

🚩होरा, रात

बुध 18:02- 19:03
चन्द्र 19:03 -20:04
शनि 20:04- 21:05
बृहस्पति 21:05- 22:06
मंगल 22:06- 23:07
सूर्य 23:07 -24:08
शुक्र 24:08-25:09
बुध 25:09 -26:10
चन्द्र 26:10-27:11
शनि 27:11-28:12
बृहस्पति 28:12-29:13
मंगल 29:13-30:14

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

कन्या > 05:12 से 07:28 तक
तुला > 07:28 से 09:36 तक
वृश्चिक > 09:36 से 12:04 तक
धनु > 12:04 से 14:04 तक
मकर > 14:04 से 15:50 तक
कुम्भ > 15:50 से 17:28 तक
मीन > 17:28 से 19:28 तक
मेष > 19:28 से 20:32 तक
वृषभ > 20:32 से 22:22 तक
मिथुन > 22:22 से 00:34 तक
कर्क > 00:38 से 02:48 तक
सिंह > 02:44 से 05:08 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 7 + 7 + 1 = 30 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:

श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।

22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*अष्टमी श्राद्ध

*पुत्र जीविका व्रत

*कालाष्टमी

*अष्टमीक्षय

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

मूर्खाणां पण्डिता द्वेष्या अधनानां महाधनाः ।
वरांगना कुलस्त्रीणां सुभगानां च दुर्भगा ।।
।।चाoनीo।।

मूढ़ लोग बुद्धिमानो से इर्ष्या करते है. गलत मार्ग पर चलने वाली औरत पवित्र स्त्री से इर्ष्या करती है. बदसूरत औरत खुबसूरत औरत से इर्ष्या करती है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11

रूपं महत्ते बहुवक्त्रनेत्रंमहाबाहो बहुबाहूरूपादम्‌।
बहूदरं बहुदंष्ट्राकरालंदृष्टवा लोकाः प्रव्यथितास्तथाहम्‌॥

हे महाबाहो! आपके बहुत मुख और नेत्रों वाले, बहुत हाथ, जंघा और पैरों वाले, बहुत उदरों वाले और बहुत-सी दाढ़ों के कारण अत्यन्त विकराल महान रूप को देखकर सब लोग व्याकुल हो रहे हैं तथा मैं भी व्याकुल हो रहा हूँ
॥23॥

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे ,

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