5 अक्टूबर दैनिक राशिफल पंचांग

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🐏मेष
कार्यक्षेत्र में सतर्कता बनाए रखें, काम में लापरवाही न करें। व्यापार में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। परिवार में सदस्यों की बात को ध्यान से सुनें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में निर्णय न लें। खानपान पर नियंत्रण रखें, पेट खराब हो सकता है।

🐂वृषभ
नौकरी व करियर में परिस्थितियां आपके अनुकूल रहेंगी। व्यापार में नए साझेदार जुड़ सकते हैं, लाभ होगा। दांपत्य जीवन में सुख और सामंजस्य रहेगा। धन प्राप्ति के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा।

👫मिथुन
कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली की तारीफ होगी। व्यापारिक विरोधियों पर आपकी रणनीति भारी पड़ेगी। पारिवारिक जीवन में शांति और सहयोग रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, शारीरिक स्फूर्ति बनी रहेगी।

🦀कर्क
विद्यार्थियों व कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी। व्यापार में नई योजनाओं पर विचार करना शुभ रहेगा। प्रेम संबंधों में स्पष्टता और निकटता आएगी। वित्तीय मामलों में संतुलन बनाए रखने में सफल होंगे। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, ध्यान और योग करें।

🐅सिंह
कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी में लिया गया फैसला बदल सकता है। व्यापार में अचल संपत्ति से जुड़े सौदे लाभदायक रहेंगे। पारिवारिक सुख-सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित रहेगा। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, फिजूलखर्ची रोकें। मानसिक थकान महसूस हो सकती है, विश्राम लें।

🙎‍♀️कन्या
आपकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, जटिल कार्य हल होंगे। व्यापारिक संपर्क बढ़ाने के लिए दिन बहुत अच्छा है। परिवार में छोटे सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा। आय में निरंतरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, ताजगी बनी रहेगी।

⚖️तुला
कार्यस्थल पर वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। पारिवारिक वातावरण खुशहाल और सुखद रहेगा। बचत योजनाओं में निवेश करना फायदेमंद होगा। वाणी और स्वास्थ्य दोनों में सकारात्मकता रहेगी।

🦂वृश्चिक
आपकी कार्यशैली दूसरों को प्रभावित करेगी। व्यापार में नई रणनीति अपनाने से मुनाफा बढ़ेगा। निजी जीवन में खुशियां और उत्साह रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा, लाभ के साधन मिलेंगे। ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा, सेहतमंद महसूस करेंगे।

🏹धनु
कार्यक्षेत्र में संयम बरतें, विवाद से दूर रहें। व्यापार में लेनदेन के मामलों में लिखापढ़ी जरूर करें। परिवार में किसी मुद्दे पर विचार-विमर्श हो सकता है। अचानक कुछ अनपेक्षित खर्च सामने आ सकते हैं। अनिद्रा या मानसिक तनाव से बचें।

🐊मकर
नौकरी में तरक्की या नए अवसर की प्राप्ति संभव है। व्यापार में नेटवर्क बढ़ाने से नए ग्राहक मिलेंगे। दोस्तों के साथ मेलजोल मन को हल्का करेगा। आय के नए रास्ते खुलेंगे, वित्तीय मजबूती आएगी। सेहत अच्छी रहेगी, दिन आनंददायक बीतेगा।

🍯कुंभ
कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि होगी। व्यापारिक यात्रा सफल और दूरगामी लाभ देने वाली होगी। पारिवारिक निर्णय में आपकी राय महत्वपूर्ण रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के योग स्पष्ट हैं। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा, ऊर्जा बनी रहेगी।

🐟मीन
अध्यात्म और अध्ययन में मन लगेगा, कार्य सफल होंगे। व्यापार में भाग्य का साथ मिलेगा, विस्तार होगा। धर्म-कर्म के कार्यों में परिवार का साथ मिलेगा। धन लाभ होगा, पुरानी आर्थिक चिंताएं दूर होंगी। मानसिक शांति और शारीरिक ताजगी रहेगी।

दिनाँक:-05/10/2026,सोमवार
दशमी, कृष्ण पक्ष,
आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——– दशमी 26:06:51. तक
पक्ष———————— कृष्ण
नक्षत्र———– पुष्य 23:08:22
योग—–‐—————— शिव
करण——– वणिज 09:50:32
करण—– विष्टि भद्र 14:58:27
वार——————— सोमवार
माह——————– आश्विन
चन्द्र राशि———‐——– कर्क
सूर्य राशि—————— कन्या
रितु———————— शरद
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)——-‐——– रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत———–‐— 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:14:54
सूर्यास्त————– 17:59:56
दिन काल-‐——— 11:45:02
रात्री काल———– 12:15:28
चंद्रास्त————– 14:44:18
चंद्रोदय————– 25:42:00

लग्न—-कन्या17°34′ 167°34′

सूर्य नक्षत्र—————— हस्त
चन्द्र नक्षत्र—————– पुष्य
नक्षत्र पाया—————- रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

हे—- पुष्य 11:39:10

हो—- पुष्य 17:23:22

ड—- पुष्य 23:08:22

डी—- आश्लेषा 28:54:09

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 17°30 , हस्त 3 ण
चन्द्र= कर्क 06°30 , पुनर्वसु 2 हे
बुध = तुला 11°52 ‘ स्वाति 2 रे
शु क्र= तुला 14°05, स्वाति 3 रो
मंगल= कर्क 09°17 पुष्य 2 हे
गुरु= कर्क 26°33 आश्लेषा , 3 डे
शनि=मीन 17°10 ‘ रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 03°21 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 03°21 मघा 2 मी
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 07:43 – 09:11 अशुभ
यम घंटा 10:39 – 12:07 अशुभ
गुली काल 13:36 – 15:04 अशुभ
अभिजित 11:44 – 12:31 शुभ
दूर मुहूर्त 12:31 – 13:18 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:52 – 15:39 अशुभ
वर्ज्यम 07:51 – 09:23 अशुभ
प्रदोष 17:59 – 20:29. शुभ

💮गंड मूल 23:08 – अहोरात्र अशुभ

🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:37* – 29:26* शुभ

💮चोघडिया, दिन

अमृत 06:15 – 07:43 शुभ
काल 07:43 09:11 अशुभ
शुभ 09:11 10:39 शुभ
रोग 10:39 – 12:07 अशुभ
उद्वेग 12:07 – 13:36 अशुभ
चर 13:36 15:04 शुभ
लाभ 15:04 16:32 शुभ
अमृत 16:32 – 17:59 शुभ

🚩चोघडिया, रात

चर 17:59 19:32 शुभ
रोग 19:32 – 21:04 अशुभ
काल 21:04 – 22:36 अशुभ
लाभ 22:36 – 24:08* शुभ
उद्वेग 24:08* – 25:40* अशुभ
शुभ 25:40* – 27:12* शुभ
अमृत 27:12* – 28:43* शुभ
चर 28:43*- 30:15* शुभ

💮होरा, दिन

चन्द्र 06:15- 07:14
शनि 07:14 -08:12
बृहस्पति 08:12 -09:11
मंगल 09:11 -10:10
सूर्य 10:10 -11:09
शुक्र 11:09 12:07
बुध 12:07- 13:06
चन्द्र 13:06- 14:05
शनि 14:05- 15:04
बृहस्पति 15:04 -16:02
मंगल 16:02 -17:01
सूर्य 17:01 -17:59

🚩होरा, रात

शुक्र 17:59- 19:01
बुध 19:01 -20:03
चन्द्र 20:03- 21:04
शनि 21:04- 22:05
बृहस्पति 22:05 -23:06
मंगल 23:06 -24:08
सूर्य 24:08-25:09
शुक्र 25:09 -26:10
बुध 26:10-27:12
चन्द्र 27:12-28:13
शनि 28:13-29:14
बृहस्पति 29:14-30:15

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

कन्या > 05:04 से 07:20 तक
तुला > 07:20 से 09:28 तक
वृश्चिक > 09:28 से 11:56 तक
धनु > 11:56 से 13:56 तक
मकर > 13:56 से 15:42 तक
कुम्भ > 15:42 से 17:20 तक
मीन > 17:20 से 19:20 तक
मेष > 19:20 से 20:24 तक
वृषभ > 20:24 से 22:14 तक
मिथुन > 22:14 से 00:26 तक
कर्क > 00:26 से 02:40 तक
सिंह > 02:40 से 05:00 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 10 + 2 + 1 = 28 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:

श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।

25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 15:00 से 26:07 तक

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*दशमी श्राद्ध

*सर्वार्थ सिद्धि योग 23:08 तक

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

अधना धनमिच्छन्ति वाचं चैव चतुष्पदः ।
मानवाः स्वर्गमिच्छन्ति मोक्षमिच्छन्तिदेवताः ।।
।।चाoनीo।।

निर्धन को धन की कामना. पशु को वाणी की कामना. लोगो को स्वर्ग की कामना. देव लोगो को मुक्ति की कामना

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11

दंष्ट्राकरालानि च ते मुखानि
दृष्टैव कालानलसन्निभानि।
दिशो न जाने न लभे च शर्म
प्रसीद देवेश जगन्निवास॥

दाढ़ों के कारण विकराल और प्रलयकाल की अग्नि के समान प्रज्वलित आपके मुखों को देखकर मैं दिशाओं को नहीं जानता हूँ और सुख भी नहीं पाता हूँ। इसलिए हे देवेश! हे जगन्निवास! आप प्रसन्न हों
॥25॥

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

———————————–
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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