समग्र समाचार सेवा
जिनेवा/नई दिल्ली 9 अक्टूबर : संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास संस्था (UNCTAD) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने बढ़ती चुनौतियों को लेकर नई रिपोर्ट जारी की है। संस्था के अनुसार, वर्ष 2026 में विश्व की आर्थिक विकास दर घटकर 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2025 में यह 2.9 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
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वैश्विक विकास दर 2026 में 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान।
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भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान।
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विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर 4 प्रतिशत तक सीमित रहने की संभावना।
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ऊर्जा संकट, व्यापारिक तनाव और वित्तीय अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती।
पश्चिम एशिया संकट का आर्थिक असर
UNCTAD की Trade and Development Report 2026 के अनुसार, पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव आयात पर निर्भर विकासशील देशों और कम आय वाले परिवारों पर पड़ सकता है।
इसके अतिरिक्त वैश्विक व्यापार में बढ़ती बाधाएं, निवेश संबंधी अनिश्चितता और तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी आर्थिक विकास को प्रभावित कर रही हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति
रिपोर्ट में एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की मजबूती का उल्लेख किया गया है। भारत के लिए 7.3 प्रतिशत, चीन के लिए 4.5 प्रतिशत और इंडोनेशिया के लिए 5.2 प्रतिशत विकास दर का अनुमान है।
UNCTAD के अनुसार, वर्ष 2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में एशिया का योगदान लगभग 59 प्रतिशत रह सकता है।
AI और व्यापार के बदलते समीकरण
रिपोर्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े उत्पादों के बढ़ते व्यापार का भी उल्लेख किया है। हालांकि, तकनीकी विकास से होने वाले आर्थिक लाभ कुछ कंपनियों और क्षेत्रों में केंद्रित रहने की चुनौती सामने आई है।
संस्था ने विकासशील देशों को व्यापार विविधीकरण, तकनीकी क्षमताओं के विस्तार और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई है।