10 अक्टूबर दैनिक राशिफल पंचांग

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मेष

कार्यक्षेत्र में आपके काम की प्रशंसा होगी। व्यापारिक सौदों में लाभ के योग हैं। पारिवारिक माहौल सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा। वित्तीय मामलों में दिन शुभ रहेगा। ऊर्जावान महसूस करेंगे, सेहत ठीक रहेगी।

🐂वृषभ

नौकरी में सावधानी बरतें, बहस से दूर रहें। व्यापार में जल्दबाजी में निर्णय न लें। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। खर्चों पर थोड़ा अंकुश लगाना होगा। सेहत सामान्य रहेगी, ध्यान दें।

👫मिथुन

कार्यक्षेत्र में नई संभावनाएं बनेंगी। व्यापारिक यात्राएं सफल और लाभदायक होंगी। प्रेम संबंधों में निकटता और विश्वास बढ़ेगा। आय के नए साधन बनेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, ताजगी रहेगी।

🦀कर्क

कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों की मदद मिलेगी। व्यापार में अच्छा मुनाफा कमाने का मौका है। परिवार में खुशी का माहौल बना रहेगा। फंसा हुआ धन मिलने की संभावना है। सेहत ठीक रहेगी, हल्का भोजन लें।

🐅सिंह

करियर में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। व्यापार में नेटवर्किंग से भारी लाभ होगा। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा।

🙎‍♀️कन्या

काम में जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है। व्यापार में सतर्कता से कदम बढ़ाएं। परिवार में शांति बनाए रखने का प्रयास करें। आय-व्यय का संतुलन बनाए रखें। थकान या तनाव से बचें, आराम करें।

⚖️तुला

कार्यक्षेत्र में रुकी हुई योजनाएं चल पड़ेंगी। व्यापार में लाभ के मजबूत योग हैं। मित्रों और परिवार का साथ मिलेगा। आर्थिक मजबूती देखने को मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, मन प्रसन्न रहेगा।

🦂वृश्चिक

कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में सोची-समझी नीति काम करेगी। परिवार में मांगलिक वातावरण रहेगा। धन लाभ होने की पूरी संभावना है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, चुस्ती रहेगी।

🏹धनु

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, सफलता मिलेगी। व्यापार में नए अवसर सामने आएंगे। संतान पक्ष से राहत मिलेगी। आर्थिक पक्ष सुदृढ़ रहेगा। सेहत बढ़िया रहेगी, प्रसन्न रहेंगे।

🐊मकर

कामकाज में एकाग्रता बनाए रखें। व्यापार में कोई भी जोखिम न उठाएं। पारिवारिक सहयोग से समस्याएं सुलझेंगी। अनावश्यक खर्चों को रोकें। थकान हो सकती है, नींद पूरी लें।

🍯कुंभ

कार्यक्षेत्र में नए मुकाम हासिल होंगे। व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है। निजी जीवन में खुशियां बनी रहेंगी। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा।

🐟मीन

कार्यस्थल पर आपकी बातों का प्रभाव पड़ेगा। व्यापार में विस्तार की योजनाएं बनेंगी। परिवार में आनंद का माहौल रहेगा। धन संचय में सफलता मिलेगी। मानसिक शांति बनी रहेगी।

|| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||

पंचांग

दिनाँक:-10/10/ 2026,शनिवार

अमावस्या, कृष्ण पक्ष,

आश्विन

“””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि—- अमावस्या 21:18:55. तक

पक्ष———————— कृष्ण

नक्षत्र———– हस्त 21:41:46

योग———— ऐन्द्र 22:01:24

करण——- चतुष्पद 09:23:45

करण———– नाग 21:18:55

वार——————— शनिवार

माह——————– आश्विन

चन्द्र राशि—————– कन्या

सूर्य राशि‐—————– कन्या

रितु———————— शरद

आयन—————- दक्षिणायन

संवत्सर—————– पराभव

संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र

विक्रम संवत————- 2083

गुजराती संवत———— 2082

शक संवत—————- 1948

कलि संवत————— 5127

 

वृन्दावन

सूर्योदय————- 06:17:30

दिन काल———– 11:37:00

चंद्रास्त————– 17:33:27

सूर्यास्त————– 17:54:30

रात्री काल-‐——— 12:23:31

चंद्रोदय————– 30:36:42

 

लग्न—-कन्या 22°30′, 172°30′

 

सूर्य नक्षत्र—————— हस्त

चन्द्र नक्षत्र—————— हस्त

नक्षत्र पाया—————- रजत

 

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

 

ष—- हस्त 09:27:08

 

ण—- हस्त 15:33:38

 

ठ—- हस्त 21:41:46

 

पे—- चित्रा 27:51:35

ग्रह गोचर

सूर्य= कन्या 22°30 , हस्त 4 ठ

चन्द्र= कन्या 14°30 , हस्त 2 ष

बुध = तुला 17°52 ‘ स्वाति 3 रो

शु क्र= तुला 13¹°05, स्वाति 3 रो

मंगल= कर्क 12°17 पुष्य 3 हो

गुरु= कर्क 26°33 आश्लेषा , 3 डे

शनि=मीन 16°10 ‘ रेवती , 1 दे

राहू=(व) कुम्भ 03°05 धनिष्ठा , 3 गु

केतु= (व) सिंह 03°05 मघा 1 मा

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शुभा$शुभ मुहूर्त

राहू काल 09:12 – 10:39 अशुभ

यम घंटा 13:33 – 15:00 अशुभ

गुली काल 06:18 – 07:45 अशुभ

अभिजित 11:43 – 12:29 शुभ

दूर मुहूर्त 07:50 – 08:37 अशुभ

वर्ज्यम 06:18 – 07:28 अशुभ

प्रदोष 17:55 – 20:25 शुभ

ब्रह्म मुहूर्त 28:39* – 29:28 शुभ

चोघडिया, दिन

काल 06:18 07:45 अशुभ

शुभ 07:45 – 09:12 शुभ

रोग 09:12 – 10:39 अशुभ

उद्वेग 10:39 – 12:06 अशुभ

चर 12:06 13:33 शुभ

लाभ 13:33 15:00 शुभ

अमृत 15:00 – 16:27 शुभ

काल 16:27 17:55 अशुभ

चोघडिया, रात

लाभ 17:55 – 19:27 शुभ

उद्वेग 19:27 – 21:00 अशुभ

शुभ 21:00 – 22:33 शुभ

अमृत 22:33 – 24:06* शुभ

चर 24:06* – 25:39* शुभ

रोग 25:39* – 27:12* अशुभ

काल 27:12* – 28:45* अशुभ

लाभ 28:45* – 30:18* शुभ

होरा, दिन

शनि 06:18 -07:16

बृहस्पति 07:16 -08:14

मंगल 08:14 -09:12

सूर्य 09:12 -10:10

शुक्र 10:10 -11:08

बुध 11:08 -12:06

चन्द्र 12:06- 13:04

शनि 13:04 -14:02

बृहस्पति 14:02- 15:00

मंगल 15:00 -15:58

सूर्य 15:58- 16:56

शुक्र 16:56 -17:55

होरा, रात

बुध 17:55- 18:56

चन्द्र 18:56- 19:58

शनि 19:58 -21:00

बृहस्पति 21:00- 22:02

मंगल 22:02- 23:04

सूर्य 23:04 -24:06

शुक्र 24:06 -25:08

बुध 25:08-26:10

चन्द्र 26:10-27:12

शनि 27:12-28:14

बृहस्पति 28:14-29:16

मंगल 29:16-30:18

 

उदयलग्न प्रवेशकाल

कन्या > 04:44 से 07:00 तक

तुला > 07:00 से 09:08 तक

वृश्चिक > 09:08 से 11:36 तक

धनु > 11:36 से 13:28 तक

मकर > 13:28 से 15:22 तक

कुम्भ > 15:22 से 16:58 तक

मीन > 16:58 से 18:54 तक

मेष > 18:54 से 20:02 तक

वृषभ > 20:02 से 21:54 तक

मिथुन > 21:54 से 00:06 तक

कर्क > 00:06 से 02:20 तक

सिंह > 02:20 से 04:40 तक

विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लोंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च

भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय

अग्नि वास ज्ञान

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,

चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु

दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,

नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।

महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,

राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,

अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 15 + 7 + 1 = 38 ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

ग्रह मुख आहुति ज्ञान

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

शिव वास,फल एवं परिहार -:

श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।

शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।

हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।

सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।

शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।

नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।

30 + 30 + 5 = 65 ÷ 7 = 2 शेष

गौरी सन्निध्यौ = शुभ कारक

भद्रा वास एवं फल

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।

मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

विशेष जानकारी

अमावस्या श्राद्ध (सर्वेषां जनानां)

पितृ विसर्जन

शुभ विचार

नराणां नापितो धूर्तः पक्षिणां चैव वायसः ।

चतुष्पदां श्रृगालस्तु स्त्रीणां धुर्ता च मालिनी ।।

।।चाoनीo।।

आदमियों में नाई सबसे धूर्त है. कौवा पक्षीयों में धूर्त है. लोमड़ी प्राणीयो में धूर्त है. औरतो में लम्पट औरत सबसे धूर्त है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11

आख्याहि मे को भवानुग्ररूपो

नमोऽस्तु ते देववर प्रसीद।

विज्ञातुमिच्छामि भवन्तमाद्यं

न हि प्रजानामि तव प्रवृत्तिम्‌॥

मुझे बतलाइए कि आप उग्ररूप वाले कौन हैं? हे देवों में श्रेष्ठ! आपको नमस्कार हो। आप प्रसन्न होइए। आदि पुरुष आपको मैं विशेष रूप से जानना चाहता हूँ क्योंकि मैं आपकी प्रवृत्ति को

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