12 अक्टूबर दैनिक राशिफल पंचांग

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🐏मेष
कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास से काम पूरे होंगे। व्यापार में नए अवसरों को भुनाने का दिन है। प्रेम जीवन में खुशहाली रहेगी। वित्तीय पक्ष मजबूत रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी, व्यायाम जरूर करें।

🐂वृषभ
कार्यस्थल पर संयम रखें, काम में ध्यान दें। व्यापार में जल्दबाज़ी से नुकसान हो सकता है। परिवार में वाद-विवाद से दूरी बनाएं। बजट बनाकर चलना हितकर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, आराम करें।

👫मिथुन
कार्यक्षेत्र में नई ऊर्जा से काम करेंगे। व्यापारिक साझेदारियों से मुनाफा होगा। दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, स्फूर्ति रहेगी।

🦀कर्क
नौकरी में आपकी लगन सराही जाएगी। व्यापार में समझदारी से निवेश करें। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। खान-पान पर ध्यान दें, सेहत ठीक रहेगी।

🐅सिंह
करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं। व्यापार में नई योजनाएं लाभदायक रहेंगी। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी। धन लाभ होने की पूरी संभावना है। ऊर्जा स्तर बढ़िया रहेगा।

🙎‍♀️कन्या
कार्यक्षेत्र में सावधानी से कदम बढ़ाएं। व्यापारिक निर्णय लेने में वरिष्ठों की सलाह लें। परिवार का सहयोग आपकी चिंता दूर करेगा। आय और व्यय का संतुलन बनाएं। मानसिक तनाव से बचें।

⚖️तुला
कार्यस्थल पर प्रभाव और मान बढ़ेगा। व्यापार में नए अनुबंध तय हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा, मन प्रसन्न रहेगा l

🦂वृश्चिक
कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धी परास्त होंगे। व्यापार में उन्नति के रास्ते खुलेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। धन संबंधी मामले हल होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी।

🏹धनु
रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। संतान से खुशखबरी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। उत्साह और आरोग्य बना रहेगा।

🐊मकर
काम का दबाव महसूस हो सकता है। व्यापारिक लेन-देन में सतर्क रहें। परिवार में सहयोग का भाव रहेगा। फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाएं। थकान हो सकती है, पर्याप्त नींद लें।

🍯कुंभ
कार्यस्थल पर आपके निर्णयों की तारीफ होगी। व्यापार में मुनाफा बढ़ेगा। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती रहेगी।

🐟मीन
वाणी में मिठास रहेगी, काम बनेंगे। व्यापार में अनुकूल परिणाम मिलेंगे। परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा। धन संचय करने में सफल होंगे। मानसिक शांति बनी रहेगी।

दिनाँक:-12/10/2026,सोमवार
द्वितीया, शुक्ल पक्ष,
आश्विन
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——- द्वितीया 22:12:40. तक
पक्ष———————– शुक्ल
नक्षत्र——— स्वाति 23:51:23
योग——- विश्कुम्भ 20:31:23
करण——— बालव 09:47:34
करण——– कौलव 22:12:40
वार——————— सोमवार
माह——————– आश्विन
चन्द्र राशि—————— तुला
सूर्य राशि—————— कन्या
रितु———————— शरद
आयन————— दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———– 2082
शक संवत————— 1948
सूर्योदय————- 06:18:34

सूर्यास्त————– 17:52:24
दिन काल———– 11:33:49
रात्री काल-‐——— 12:26:43
चंद्रोदय————– 07:42:35
चंद्रास्त————– 18:41:03

लग्न—-कन्या24°29′ 174°29′

सूर्य नक्षत्र—————— चित्रा
चन्द्र नक्षत्र—————- स्वाति
नक्षत्र पाया—————- रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

रे—- स्वाति 11:07:40

रो—- स्वाति 17:28:33

ता—- स्वाति 23:51:23

ती—- विशाखा 30:16:09

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 24°30 , हस्त 4 ठ
चन्द्र= तुला 10°30 , स्वाति 2 रे
बुध = तुला 19°52 ‘ स्वाति 4 ता
शु क्र= तुला 12°05, स्वाति 2 रे
मंगल= कर्क 13°17 पुष्य 4 ड
गुरु= कर्क 27°33 आश्लेषा , 4 डो
शनि=मीन 16°10 ‘ उoभाo , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 02°58 धनिष्ठा , 3 गु
केतु= (व) सिंह 02°58 मघा 1 मा
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 07:45 – 09:12 अशुभ
यम घंटा 10:39 – 12:05 अशुभ
गुली काल 13:32 – 14:59 अशुभ
अभिजित 11:42 – 12:29 शुभ
दूर मुहूर्त 12:29 – 13:15 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:47 – 15:34 अशुभ
वर्ज्यम 29:53* – अहोरात्र अशुभ
प्रदोष 17:52 – 20:24. शुभ

🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:40* – 29:29* शुभ

💮चोघडिया, दिन

अमृत 06:19 – 07:45 शुभ
काल 07:45 09:12 अशुभ
शुभ 09:12 10:39 शुभ
रोग 10:39 – 12:05 अशुभ
उद्वेग 12:05 – 13:32 अशुभ
चर 13:32 14:59 शुभ
लाभ 14:59 16:26 शुभ
अमृत 16:26 – 17:52 शुभ

🚩चोघडिया, रात

चर 17:52 – 19:26 शुभ
रोग 19:26 – 20:59 अशुभ
काल 20:59 – 22:32 अशुभ
लाभ 22:32 – 24:06* शुभ
उद्वेग 24:06* – 25:39* अशुभ
शुभ 25:39* – 27:12* शुभ
अमृत 27:12* – 28:46* शुभ
चर 28:46* – 30:19* शुभ

💮होरा, दिन

चन्द्र 06:19- 07:16
शनि 07:16- 08:14
बृहस्पति 08:14- 09:12
मंगल 09:12- 10:10
सूर्य 10:10 -11:08
शुक्र 11:08- 12:05
बुध 12:05- 13:03
चन्द्र 13:03 -14:01
शनि 14:01 -14:59
बृहस्पति 14:59- 15:57
मंगल 15:57 -16:55
सूर्य 16:55 -17:52

🚩होरा, रात

शुक्र 17:52- 18:55
बुध 18:55- 19:57
चन्द्र 19:57- 20:59
शनि 20:59- 22:01
बृहस्पति 22:01- 23:04
मंगल 23:04- 24:06
सूर्य 24:06-25:08
शुक्र 25:08-26:10
बुध 26:10-27:12
चन्द्र 27:12-28:15
शनि 28:15-29:17
बृहस्पति 29:17-30:19

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

कन्या > 04:36 से 06:52 तक
तुला > 06:52 से 09:00 तक
वृश्चिक > 09:00 से 11:28 तक
धनु > 11:28 से 13:20 तक
मकर > 13:20 से 15:14 तक
कुम्भ > 15:14 से 16:50 तक
मीन > 16:50 से 18:46 तक
मेष > 18:46 से 18:54 तक
वृषभ > 18:54 से 21:46 तक
मिथुन > 21:46 से 23:58 तक
कर्क > 23:58 से 02:12 तक
सिंह > 02:12 से 04:32 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

2 + 2 + 1 = 5 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:

श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।

2 + 2 + 5 = 9 ÷ 7 = 2 शेष

गौरी सन्निध्यौ = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*चन्द्र दर्शन

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

साधुभ्यस्ते निवर्तन्ते पुत्रामित्राणि बान्धवाः ।
ये च तैः सह गन्तारस्तध्दर्मात्सुकृतं कुलम् ।।
।।चाoनीo।।

पुत्र , मित्र, सगे सम्बन्धी साधुओं को देखकर दूर भागते है, लेकिन जो लोग साधुओं का अनुशरण करते है उनमे भक्ति जागृत होती है और उनके उस पुण्य से उनका सारा कुल धन्य हो जाता है

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11

तस्मात्त्वमुक्तिष्ठ यशो लभस्व
जित्वा शत्रून्भुङ्‍क्ष्व राज्यं समृद्धम्‌।
मयैवैते निहताः पूर्वमेव
निमित्तमात्रं भव सव्यसाचिन्‌॥

अतएव तू उठ! यश प्राप्त कर और शत्रुओं को जीतकर धन-धान्य से सम्पन्न राज्य को भोग। ये सब शूरवीर पहले ही से मेरे ही द्वारा मारे हुए हैं। हे सव्यसाचिन! (बाएँ हाथ से भी बाण चलाने का अभ्यास होने से अर्जुन का नाम ‘सव्यसाची’ हुआ था) तू तो केवल निमित्तमात्र बन जा

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

————————————————-
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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