मुंबई में होगा विश्व हिंदू कांग्रेस 2026 का भव्य आयोजन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन सत्र को संबोधित, दुनियाभर से जुटेंगे हिंदू नेता।
- मुंबई में आयोजित होने वाले ‘विश्व हिंदू कांग्रेस 2026’ (World Hindu Congress 2026) में दुनिया भर के प्रतिष्ठित हिंदू विचारक, उद्यमी और नेता हिस्सा लेंगे।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत इस भव्य आयोजन के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे।
- इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर हिंदू समाज के उत्थान, सांस्कृतिक एकता, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।
समग्र समाचार
सेवा मुंबई, 11 अक्तूबर: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में वैश्विक स्तर पर हिंदू समाज को एक मंच पर लाने के लिए एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन होने जा रहा है। ‘विश्व हिंदू कांग्रेस 2026’ (World Hindu Congress 2026) का आयोजन मुंबई में तय किया गया है, जिसमें दुनिया भर के दर्जनों देशों से प्रतिष्ठित हिंदू प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, कारोबारी और सामाजिक नेता शिरकत करेंगे। इस प्रतिष्ठित महासम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का संबोधन होगा, जो उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करेंगे और अपने ओजस्वी विचारों से वैश्विक हिंदू समुदाय को दिशा देंगे।
वैश्विक हिंदू नेतृत्व का महाकुंभ
विश्व हिंदू कांग्रेस एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच है जो हर कुछ वर्षों में दुनिया भर के हिंदू समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को एक साथ जोड़ता है। इस वर्ष मुंबई में होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य समकालीन वैश्विक परिदृश्य में हिंदू समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना और समाज के विभिन्न क्षेत्रों—अर्थव्यवस्था, शिक्षा, राजनीति, मीडिया और संस्कृति—में आपसी तालमेल को मजबूत करना है। आयोजकों के अनुसार, इस सम्मेलन में अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख महाद्वीपों से हजारों प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का मार्गदर्शन
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत वैश्विक शांति, वसुधैव कुटुंबकम की भारतीय भावना और आधुनिक युग में सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखेंगे। उनके संबोधन से न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में बसे प्रवासी भारतीयों और हिंदू संगठनों को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद है। संघ प्रमुख का यह भाषण इस आयोजन का सबसे अहम केंद्र बिंदु होगा, जिस पर देश-विदेश की मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं।
विभिन्न सत्रों में किन प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा?
विश्व हिंदू कांग्रेस 2026 के दौरान कई समानांतर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ गंभीर मंथन करेंगे:
वैश्विक अर्थव्यवस्था और उद्यमिता: दुनिया भर के हिंदू व्यापारियों और उद्यमियों के बीच एक मजबूत वैश्विक नेटवर्क तैयार करना ताकि आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिल सके।
युवा और नेतृत्व विकास: युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मूल्यों और नेतृत्व गुणों से लैस करना ताकि वे भविष्य में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर सकें।
मीडिया और जनसंचार: आधुनिक डिजिटल युग में सत्य और निष्पक्षता के साथ समाज की बात रखने के लिए मजबूत मीडिया प्लेटफॉर्म्स का विकास।
महिला सशक्तिकरण: समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की सक्रिय और अग्रणी भूमिका को रेखांकित करना तथा उन्हें सशक्त बनाना।
सांस्कृतिक एकता और प्रवासी भारतीयों की भूमिका
इस प्रकार के आयोजन प्रवासी भारतीयों (Indian Diaspora) को अपनी मातृभूमि और संस्कृति से जोड़े रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दुनिया के कई देशों में आज भारतीय मूल के लोग शीर्ष पदों पर आसीन हैं और अपनी मेहनत व मेधा के दम पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। विश्व हिंदू कांग्रेस इन सभी को एक साझा मंच प्रदान करती है ताकि वे अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए वैश्विक कल्याण में योगदान दे सकें। मुंबई जैसे महानगर में इस आयोजन के होने से महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां
इस हाई-प्रोफाइल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के महासम्मेलन को देखते हुए मुंबई पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। दुनिया भर से आने वाले मेहमानों के स्वागत और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। यह आयोजन निश्चित रूप से वैश्विक पटल पर हिंदू समाज की एकजुटता और सहभागिता का एक नया अध्याय लिखेगा।