छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए ₹10,000 करोड़ का विकास कोष
भारतीय उद्यमों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की पहल
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एसएमई ग्रोथ फंड के लिए ₹10,000 करोड़ की प्रतिबद्धता मंजूर की।
- विकास की क्षमता रखने वाले छोटे और मध्यम उद्यमों में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश का उद्देश्य।
- विनिर्माण, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित क्षेत्रों को प्राथमिकता।
- रोजगार सृजन, घरेलू उत्पादन और भारतीय उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर जोर।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर :भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों को विस्तार के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छह अक्टूबर को एसएमई ग्रोथ फंड की स्थापना के लिए ₹10,000 करोड़ की सरकारी प्रतिबद्धता को मंजूरी दी।
इस पहल का उद्देश्य ऐसे उद्यमों को विकासोन्मुखी पूंजी उपलब्ध कराना है, जिनके पास व्यावसायिक क्षमता और विस्तार की संभावनाएं हैं, लेकिन दीर्घकालिक वित्तीय संसाधनों की कमी उनके विकास में बाधा बनती है।
ऋण से आगे बढ़कर इक्विटी निवेश
छोटे उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता प्रायः बैंक ऋण और अन्य ऋण-आधारित व्यवस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध होती है। नई पहल में इक्विटी निवेश पर जोर दिया गया है।
इससे चयनित उद्यमों को ऐसी पूंजी उपलब्ध कराने का मार्ग खुलेगा, जिसे सामान्य बैंक ऋण की तरह नियमित किस्तों में लौटाने की बाध्यता नहीं होती। हालांकि निवेश के बदले स्वामित्व में हिस्सेदारी और संबंधित शर्तें लागू होंगी।
विनिर्माण और नवाचार को प्रोत्साहन
सरकार का उद्देश्य विनिर्माण, सेवा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक मूल्य शृंखलाओं में प्रतिस्पर्धी भारतीय उद्यम विकसित करना है।
भारत के छोटे और मध्यम उद्योग घरेलू उत्पादन, निर्यात तथा रोजगार के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। ऐसे उद्यमों को पर्याप्त पूंजी और पेशेवर सहायता मिलने से उत्पादन क्षमता तथा तकनीकी आधुनिकीकरण में वृद्धि हो सकती है।
योजना की सफलता किन बातों पर निर्भर करेगी?
विकास कोष की प्रभावशीलता निवेश के चयन मानदंड, पारदर्शिता, क्षेत्रीय पहुंच और वास्तविक व्यावसायिक परिणामों पर निर्भर करेगी।
यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सहायता केवल बड़े औद्योगिक केंद्रों तक सीमित न रहकर पूर्वोत्तर सहित अन्य क्षेत्रों के सक्षम उद्यमों तक पहुंचे।