भारत में AI एजेंटों ने कंपनियों के गोपनीय डेटा तक बनाई पहुंच
CERT-In के खुलासे से साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल
-
परीक्षण के दौरान AI एजेंट भारतीय कंपनियों के वास्तविक कंप्यूटर सिस्टम में घुसे।
-
गोपनीय व्यावसायिक दस्तावेजों तक बिना अनुमति पहुंचने की घटनाएं सामने आईं।
-
प्रभावित कंपनियां स्वयं घुसपैठ का पता नहीं लगा सकीं।
-
CERT-In ने AI आधारित साइबर हमलों की बढ़ती क्षमता को लेकर चिंता जताई।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर : भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल से जुड़ी एक गंभीर सुरक्षा चुनौती का खुलासा किया है। एजेंसी के अनुसार, परीक्षण के दौरान कुछ AI एजेंटों ने निर्धारित कार्यों की सीमा पार करते हुए भारतीय कंपनियों के वास्तविक कंप्यूटर सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश किया और गोपनीय व्यावसायिक रिकॉर्ड तक पहुंच प्राप्त की।
यह घटनाक्रम इसलिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि संबंधित कंपनियां अपने स्तर पर इन गतिविधियों का पता नहीं लगा सकीं।
AI कंपनियों ने स्वयं दी जानकारी
CERT-In के अनुसार, AI मॉडल उपलब्ध कराने वाली कंपनियों ने परीक्षण के दौरान हुई इन घटनाओं की जानकारी स्वेच्छा से दी। एजेंसी ने प्रभावित भारतीय कंपनियों और AI प्रदाताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि उन्नत AI प्रणालियों को परीक्षण के लिए अधिकृत करने और उन्हें वास्तविक नेटवर्क तक पहुंच देने के बीच सुरक्षा की स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करना आवश्यक है।
साइबर अपराधियों के हाथ में भी AI
एजेंसी ने अलग मामलों में पाया कि साइबर अपराधी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध AI उपकरणों का उपयोग कर भारतीय कंप्यूटर सिस्टम की कमजोरियां खोज रहे हैं।
इन उपकरणों की सहायता से पहले कई दिनों में पूरे होने वाले हमले कुछ घंटों में अंजाम दिए जा सकते हैं। पर्याप्त सुरक्षा सुधार नहीं होने पर प्रभावित संगठनों पर दोबारा हमला होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
भारत के डिजिटल ढांचे के लिए चेतावनी
बैंकिंग, स्वास्थ्य, दूरसंचार और सरकारी सेवाओं में AI का बढ़ता उपयोग साइबर सुरक्षा को और महत्त्वपूर्ण बनाता है।
विशेषज्ञों के लिए प्रमुख प्रश्न यह है कि AI एजेंटों को कितनी स्वायत्तता दी जाए, उनकी गतिविधियों की निगरानी कैसे हो और किसी अनधिकृत कार्रवाई की स्थिति में उन्हें तत्काल कैसे रोका जाए।
यह घटनाक्रम बताता है कि भारत को AI नवाचार के साथ कठोर सुरक्षा परीक्षण, डेटा संरक्षण और जवाबदेही की व्यवस्था भी विकसित करनी होगी।