अमेरिका में ग्रीन कार्ड नियमों के उल्लंघन पर IT कंपनी Cloudera पर बड़ी कार्रवाई
PERM कार्यक्रम से दो साल के लिए प्रतिबंधित
- अमेरिका की डेटा मैनेजमेंट कंपनी Cloudera को PERM ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से दो वर्षों के लिए प्रतिबंधित किया गया।
- सात पदों की भर्ती में योग्य अमेरिकी कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने के आरोपों पर कार्रवाई हुई।
- कंपनी 14 लाख डॉलर का मुआवजा कोष स्थापित करेगी और छह लाख डॉलर का नागरिक जुर्माना देगी।
- अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि विदेशी कर्मचारियों की भर्ती में अमेरिकी श्रमिकों के कानूनी अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
समग्र समाचार सेवा
वाशिंगटन, 20 अक्टूबर: अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के दौरान अमेरिकी नागरिकों और पात्र कर्मचारियों के साथ कथित भेदभाव के मामले में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कैलिफोर्निया स्थित डेटा मैनेजमेंट कंपनी क्लाउडेरा (Cloudera Inc.) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और श्रम विभाग (DOL) ने संयुक्त प्रवर्तन समझौते के तहत कंपनी को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (PERM) में भाग लेने से दो वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, कंपनी पर आरोप था कि उसने PERM प्रक्रिया के अंतर्गत सात पदों पर भर्ती करते समय योग्य अमेरिकी कर्मचारियों को आवेदन करने और निष्पक्ष चयन का पर्याप्त अवसर नहीं दिया। इस मामले में कंपनी को 14 लाख डॉलर का बैक-पे मुआवजा कोष स्थापित करने और अमेरिकी सरकार को छह लाख डॉलर का नागरिक जुर्माना देने पर सहमति जतानी पड़ी है।
इस प्रकार समझौते के अंतर्गत कुल वित्तीय दायित्व 20 लाख डॉलर है।
क्या है PERM ग्रीन कार्ड कार्यक्रम?
अमेरिका में PERM अर्थात Permanent Labor Certification एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से अमेरिकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को रोजगार आधारित स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड दिलाने की दिशा में पहला कदम उठाती हैं।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत नियोक्ता को यह प्रमाणित करना होता है कि संबंधित पद के लिए योग्य, इच्छुक और उपलब्ध अमेरिकी कर्मचारियों को आवेदन करने का वास्तविक अवसर दिया गया था।
सामान्यतः नियोक्ता को यह भी दिखाना होता है कि निर्धारित प्रक्रिया के बाद उस पद के लिए कोई उपयुक्त अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं मिला।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अमेरिकी श्रम बाजार की सुरक्षा करते हुए आवश्यक परिस्थितियों में विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति की अनुमति देना है।
सात पदों की भर्ती में भेदभाव के आरोप
न्याय विभाग के अनुसार, Cloudera के खिलाफ अप्रैल 2026 में मुकदमा दायर किया गया था।
आरोप था कि कंपनी ने PERM कार्यक्रम के अंतर्गत सात पदों पर भर्ती के दौरान अमेरिकी कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया और उन्हें निष्पक्ष रूप से प्रतिस्पर्धा करने का अवसर नहीं दिया।
यह मामला अमेरिकी आव्रजन एवं राष्ट्रीयता अधिनियम (Immigration and Nationality Act — INA) के अंतर्गत उठाया गया था।
अब न्याय विभाग और श्रम विभाग के संयुक्त समझौते के माध्यम से इस मुकदमे का समाधान किया गया है।
14 लाख डॉलर का मुआवजा, छह लाख डॉलर का जुर्माना
समझौते के अनुसार, Cloudera को 14 लाख डॉलर का विशेष बैक-पे कोष बनाना होगा।
इस कोष का उद्देश्य उन योग्य अमेरिकी कर्मचारियों को मुआवजा देना है, जिन्होंने संबंधित पदों के लिए आवेदन करने का प्रयास किया था, लेकिन जिन्हें निष्पक्ष अवसर नहीं मिला।
इसके अतिरिक्त कंपनी अमेरिकी सरकार को छह लाख डॉलर का नागरिक जुर्माना देगी।
यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि 14 लाख डॉलर केवल जुर्माना नहीं है। यह प्रभावित कर्मचारियों के लिए मुआवजा कोष है, जबकि अलग से छह लाख डॉलर का नागरिक जुर्माना निर्धारित किया गया है।
‘अमेरिकी कर्मचारियों से भेदभाव स्वीकार नहीं’—हरमीत ढिल्लों
अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की सहायक अटॉर्नी जनरल हरमीत के. ढिल्लों ने इस कार्रवाई को श्रमिक अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने वाले नियोक्ताओं को जवाबदेह ठहराया जाएगा और इस मामले में किसी प्रकार का अपवाद नहीं होगा।
ढिल्लों के अनुसार, न्याय विभाग और श्रम विभाग के बीच समन्वय यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि कंपनियां भर्ती प्रक्रिया में अमेरिकी कर्मचारियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करें।
दो वर्षों तक PERM प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेगी कंपनी
वित्तीय दायित्वों के अतिरिक्त Cloudera को दो वर्षों तक PERM कार्यक्रम में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया है।
यह प्रतिबंध श्रम विभाग की ओर से रोजगार आधारित आव्रजन प्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उपलब्ध महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक है।
इससे पहले श्रम विभाग ने कंपनी की PERM प्रक्रिया को निलंबित किया था।
नए समझौते के बाद कंपनी को भविष्य में नियमों के पालन के लिए अतिरिक्त निगरानी और रिपोर्टिंग संबंधी शर्तों का भी पालन करना होगा।
भर्ती प्रक्रियाओं की होगी निगरानी
अमेरिकी प्रशासन ने कंपनी के लिए कई अनुपालन संबंधी शर्तें निर्धारित की हैं।
इनमें PERM भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना, नियमित रिपोर्टिंग और संबंधित कर्मचारियों तथा भर्ती अधिकारियों को कानूनी नियमों का प्रशिक्षण देना शामिल है।
इन उपायों का उद्देश्य भविष्य में नागरिकता या आव्रजन स्थिति के आधार पर गैरकानूनी भेदभाव की घटनाओं को रोकना है।
2025 से अब तक 14वां समझौता
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, यह मामला वर्ष 2025 में पुनः शुरू की गई Protecting U.S. Workers Initiative के अंतर्गत 14वां समझौता है।
इस पहल का उद्देश्य उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करना है, जो अस्थायी रोजगार वीजा वाले विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने के लिए अमेरिकी कर्मचारियों के साथ गैरकानूनी भेदभाव करती हैं।
न्याय विभाग ने कहा है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कानून के अंतर्गत अनुमत नागरिक जुर्माने, मुआवजे और अन्य सुधारात्मक उपायों का उपयोग किया जाएगा।
भारतीय IT पेशेवरों और विदेशी कर्मचारियों के लिए क्या मायने?
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय तकनीकी पेशेवर रोजगार आधारित वीजा और ग्रीन कार्ड प्रक्रियाओं से जुड़े हैं।
ऐसे में PERM कार्यक्रम के नियमों का कठोर अनुपालन भारतीय IT कर्मचारियों और उन्हें नियुक्त करने वाली कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
हालांकि, Cloudera के खिलाफ यह कार्रवाई विशेष रूप से कंपनी की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अमेरिका ने सभी विदेशी कर्मचारियों या भारतीय पेशेवरों के ग्रीन कार्ड आवेदन प्रतिबंधित कर दिए हैं।
यह प्रतिबंध संबंधित कंपनी के PERM कार्यक्रम में भाग लेने पर लागू होता है।
अमेरिकी रोजगार और आव्रजन नीति में सख्ती का संकेत
अमेरिकी प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि रोजगार आधारित आव्रजन प्रणाली में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और अमेरिकी कर्मचारियों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास प्रायोजन करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित श्रम प्रमाणन प्रक्रिया का वास्तविक और निष्पक्ष पालन हो।
Cloudera के खिलाफ हुई कार्रवाई अमेरिकी तकनीकी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण अनुपालन संबंधी उदाहरण है।
यह मामला दर्शाता है कि विदेशी प्रतिभाओं की नियुक्ति और घरेलू कर्मचारियों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था की प्रमुख शर्त बनी हुई है।