यूपी एमएलसी चुनाव संपन्न: 4 बजे तक 64.24% हुआ मतदान
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए वोटिंग समाप्त, मतदान के दौरान कई जिलों में सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प।
- यूपी में 11 एमएलसी सीटों (5 स्नातक और 6 शिक्षक) के लिए मतदान संपन्न।
- शाम 4 बजे तक राज्यभर में कुल 64.24% औसत मतदान दर्ज किया गया।
- मुजफ्फरनगर, हरदोई और औरैया समेत कई जिलों में हंगामा व झड़पें हुईं।
समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 23 अक्तूबर: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 महत्वपूर्ण सीटों के लिए हो रहा मतदान शांतिपूर्ण और हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच शुक्रवार को संपन्न हो गया। इन 11 सीटों में 5 स्नातक (Graduates) और 6 शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, जिनके लिए प्रदेश के 72 जिलों में वोटिंग कराई गई। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, शाम 4 बजे तक राज्य में कुल 64.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। हालांकि, मतदान की यह प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण नहीं रही; प्रदेश के विभिन्न जिलों से समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं के बीच नोंकझोक, फर्जी वोटिंग के आरोप और झड़पों की कई खबरें सामने आई हैं।
विभिन्न जिलों में टकराव और फर्जी मतदान के आरोप
मतदान के दौरान मुजफ्फरनगर, हरदोई, औरैया, फतेहाबाद, वाराणसी और गोरखपुर समेत कई निर्वाचन क्षेत्रों में जबरदस्त सियासी सरगर्मी देखने को मिली। हरदोई के कछौना कस्बे में लखनऊ खंड स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान बीजेपी और सपा उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच जमकर कहासुनी हुई। फर्जी मतदान के संदेह को लेकर दो पक्षों के वकीलों और स्थानीय नेताओं के बीच स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई, हालांकि मौके पर मुस्तैद पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया और दोनों पक्षों को अलग किया।
इसी तरह, औरैया के अजीतमल और बिधूना क्षेत्र में सपा एजेंटों के साथ मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सपा सांसद जितेंद्र दोहरे और जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के नेताओं और प्रतिनिधियों ने कई बूथों पर पहुंचकर पीठासीन अधिकारियों को धमकाया और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की।
अखिलेश यादव ने डाला वोट, सरकार पर उठाए सवाल
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इटावा के एक मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट डाला। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जहां-जहां सपा समर्थक और मतदाता वोट डालने पहुंच रहे हैं, वहां उन्हें रोकने के लिए प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों और सत्ता पक्ष के लोगों को आगे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक वर्ग का यह चुनाव सरकार की असलियत बयां कर रहा है, क्योंकि जनता अब इन तानाशाही रवैये से ऊब चुकी है और आने वाले आम चुनावों में इसका करारा जवाब देगी।
दूसरी ओर, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
मतदान प्रतिशत के आंकड़े और निर्वाचन क्षेत्रों की स्थिति
चुनाव आयोग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में शिक्षकों और स्नातकों ने बढ़-चढ़कर मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे बेहतरीन रुझान देखने को मिले, जहां दोपहर 4 बजे तक औसतन 79.09% से अधिक मतदान दर्ज किया गया। इसी प्रकार मुरादाबाद, बिहरौर, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया। कुल 14.18 लाख से अधिक मतदाता 152 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करने के लिए मैदान में उतरे थे।
निष्कर्ष और मतगणना की प्रतीक्षा
विभिन्न जिलों में छुटपुट झड़पों, हंगामे और हाईवोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के बीच यूपी एमएलसी चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक समाप्त हो चुकी है। अब सभी की निगाहें आगामी मतगणना और नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि विधान परिषद के इस सियासी संग्राम में किस दल का पलड़ा भारी रहता है।