मुंबई में ड्रग्स तस्करी करने वाली दो महिला तस्कर गिरफ्तार
मुंबई के कस्तुरबा मार्ग पुलिस थाने की बड़ी कार्रवाई; एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार चल रही सासु-सुना की जोड़ी को पुलिस ने दबोचा, 17 से ज्यादा मामले दर्ज।
- मुंबई पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मामले में दो महिलाओं को पकड़ा।
- आरोपी रेहाना और फरीदा लंबे समय से पुलिस को दे रही थीं गुमराह।
- मुख्य आरोपी महिला रेहाना के खिलाफ पहले से 17 गंभीर मामले दर्ज।
समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 07 नवंबर: महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर अवैध रूप से नशीले पदार्थों (Drugs) की खरीद-फरोख्त करने वाले अपराधियों के खिलाफ मुंबई पुलिस ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। मुंबई के कस्तुरबा मार्ग पुलिस थाने (Kasturba Marg Police Station) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी बेहतरीन कार्यकुशलता का परिचय देते हुए एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रही दो वांटेड महिला आरोपियों को धर दबोचा है.
पुलिस की इस सफलता से शहर में सक्रिय ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क को करारा झटका लगा है। पकड़ी गई दोनों महिलाएं आपस में सासु-सुना हैं, जो पिछले काफी समय से अपनी पहचान छिपाकर और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोंक रही थीं.
कैसे पकड़ी गईं दोनों शातिर आरोपी महिलाएं?
कस्तुरबा मार्ग पुलिस थाने में दर्ज अपराध संख्या 691/2026 (एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 21(ब), 29) के तहत ये दोनों महिलाएं वांछित थीं और घटना के बाद से ही भूमिगत हो गई थीं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी महिलाओं की पहचान 1) श्रीमती. रेहाना अब्दुल हमीद मुलानी उर्फ रॅलीअप्पा (उम्र 60 वर्ष) और 2) श्रीमती. फरीदा मुलानी (उम्र 32 वर्ष), दोनों निवासी- संतोषनगर, दौलतनगर, बोरीवली पूर्व, मुंबई के रूप में हुई है.
दिनांक 02 नवंबर 2026 को कस्तुरबा मार्ग पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक युवराज इनामदार, उपनिरीक्षक बारगजे, महिला पुलिस सिपाही दाते और उनके पथक को एक पुख्ता खुफिया जानकारी मिली कि उक्त दोनों आरोपी महिलाएं दहिसर पूर्व के एस.वी. रोड स्थित नवजीवन एसआरए बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर एक कमरे में छिपी हुई हैं. इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बताए गए फ्लैट पर छापा मारा। छापे के दौरान दोनों महिलाएं उसी कमरे में मौजूद पाई गईं. पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर उन्होंने शुरुआत में टालमटोल और उडवाउडवी की उत्तर दिए, जिसके बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले आई. थाने लाकर की गई कड़ाई से पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत और गंभीर धाराएं बढ़ाई गईं.
अपराधों का लंबा इतिहास और पुलिस की पैनी नजर
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़ी गई मुख्य आरोपी महिला श्रीमती. रेहाना अब्दुल हमीद मुलानी उर्फ रॅलीअप्पा का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और गंभीर रहा है. उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई प्रकार के गंभीर अपराध दर्ज हैं, जिनमें मुख्य रूप से:
अंमली पदार्थ बिक्री: मादक पदार्थों की अवैध बिक्री के कुल 04 मामले दर्ज हैं.
शरीराविरोधी अपराध: मारपीट और हिंसा जैसे 05 मामले दर्ज हैं.
लोकसेवकास मारहाण: सरकारी काम में बाधा डालने और लोकसेवकों पर हमला करने के 02 मामले दर्ज हैं.
दंगा व अन्य: दंगे भड़काने के 03 और संपत्ति के विरुद्ध अपराध के 03 मामले शामिल हैं.
इस प्रकार इस महिला के खिलाफ अकेले मुंबई क्षेत्र में कुल 17 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. ये दोनों महिलाएं गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलती थीं और पुलिस तथा जांच एजेंसियों को लगातार गुमराह कर रही थीं.
शीर्ष अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
इस पूरी सफल और जोखिम भरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की गई है। अपर पुलिस आयुक्त, उत्तर प्रादेशिक विभाग, मुंबई श्री शशिकुमार मिना, पुलिस उप आयुक्त, उत्तर परिमंडल 03, मुंबई श्री गजानन शिवलिंग राजमाने, और सहायक पुलिस आयुक्त, दहिसर विभाग, श्री जयराज रणवरे के कुशल मार्गदर्शन तथा दिशा-निर्देशन में कस्तुरबा मार्ग पुलिस थाने के जांच पथक ने इस ऑपरेशन को बेहद कुशलता से पूरा किया है.
निष्कर्ष
मुंबई पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कितनी मुस्तैद है। आदतन अपराधियों और ड्रग्स तस्करों की इस प्रकार की गिरफ्तारी से समाज में अपराधों पर लगाम कसने में बड़ी मदद मिलेगी।