आईआईएम कानपुर के छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं देने वाले बनेंगेः राष्ट्रपति

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 8 मई। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नागपुर के स्थायी परिसर का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति कोविंद ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अब इस संस्थान से निकला हर छात्र बहुत ही काबिल बनने वाला है। उन्होंने कहा कि यहां से निकल मुझे विश्वास है कि आईआईएम-नागपुर का पारिस्थितिकी तंत्र छात्रों को नौकरी तलाशने के बजाय नौकरी देने वाला बनने की मानसिकता प्रदान करेगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और धर्मेंद्र प्रधान और महाराष्ट्र के मंत्री नितिन राउत और सुभाष देसाई भी मौजूद रहे।

नई सुविधाओं को जोड़ा गया

यह कैंपस महाराष्ट्र के नागपुर स्थित दाहेगांव मौजा में बनाया गया है। इस कैंपस में कई नई सुविधाओं को जोड़ा गया है, जिससे कक्षा के अंदर और बाहर दोनों जगह सीखने की सुविधा प्रदान की गई है।बता दें कि वर्ष 2015 में इस संस्थान की नागपुर में शुरुआत हुई थी।

132 एकड़ में बना हैं नया कैंपस

बता दें कि आईआईएम नागपुर का पहला कैंपस बजाज नगर स्थित वीएनआईटी के परिसर में था। राज्य सरकार ने आईआईएम को स्थायी कैंपस के लिए दहेगांव में 132 एकड़ जमीन दी जिसके बाद यह अब बनकर तैयार है। वहीं सुविधाओं की बात करें तो यहां पहले चरण में 600 विद्यार्थी क्षमता की सुविधाएं 60 हजार वर्ग मीटर में तैयार की गई हैं। इस कैंपस में एकेडमिक काम्प्लेक्स, लाइब्रेरी और फैकल्टी हाउसिंग जैसी सुविधाएं हैं। इस नए कैंपस का शिलान्यास वर्ष 2019 को 6 मार्च को किया गया था।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.