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गुरु

शिक्षक : बदलते समय में बदलते अर्थ

डॉ. विनय कुमार वर्मा मनुष्य जब इस पृथ्वी पर आया, तब उसके पास न विद्यालय थे, न विश्वविद्यालय, न पाठ्यपुस्तकें और न ही डिग्रियाँ। फिर भी वह सीखता था। प्रकृति उसकी पहली पाठशाला थी, अनुभव उसकी पहली पुस्तक और जीवन उसका पहला शिक्षक। धीरे-धीरे…
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गुरु,आचार्य,पुरोहित,पंडित और पुजारी का फर्क जानिए।

अक्सर लोग पुजारी को पंडितजी या पुरोहित को आचार्य भी कह देते हैं और सुनने वाले भी उन्हें सही ज्ञान नहीं दे पाता है। यह विशेष पदों के नाम हैं जिनका किसी जाति विशेष से कोई संबंध नहीं। आओ हम जानते हैं कि उक्त शब्दों का सही अर्थ क्या है ताकि आगे…
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माँ एक व्यक्ति के जीवन की पहली मित्र और गुरु होती है जिसे खोने का दुःख निःसंदेह संसार का सबसे बड़ा…

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की माताजी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
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धर्म रक्षा के लिए गुरु तेगबहादुर जी का बलिदान

एक बार सिखों के नवें गुरु श्री तेगबहादुर जी हर दिन की तरह दूर-दूर से आये भक्तों से मिल रहे थे। लोग उन्हें अपनी निजी समस्याएँ तो बताते ही थे; पर मुस्लिम अत्याचारों की चर्चा सबसे अधिक होती थी।
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गुरु

*गुरु एक साधु मरने को था। किसी ने उससे पूछा मरते वक्त कि तुमने किससे सीखा ज्ञान? उसने कहा, बड़ा कठिन है,किस-किस के नाम लूं जीवन में एक भी क्षण ऐसा नहीं बीता जब मैंने किसी से कुछ ना सीखा हो... एक बार रास्ते से निकलता था,एक छोटा सा बच्चा…
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