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Indian Culture

विश्व पर्यावरण दिवस-  भारतीय संस्कृति में पर्यावरण चेतना

पार्थसारथि थपलियाल भारत विश्व का एक विलक्षण देश है जिसने क्रिया की प्रतिक्रिया को जीवन का आधार नही बनाया बल्कि जीवन जीने का समष्टि भाव जिसे सर्वांगीण पहल (Holistic approach) कहें, उसे जीवन का अंग बनाया। मानव का जीवन आधार धरती है। यह…
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शालीनता की सीता की खोज करें

अरविन्द भारद्वाज अपने समय में जिस "सीता" का अपहरण हुआ है उसका नाम "शालीनता" है- "शालीनता" अर्थात "शराफत", "सादगी", "सज्जनता", "भलमनसाहत" "नेकी" "उदारता" आदि । आज हर क्षेत्र में आडंबरों के पर्वत खड़े हैं , पर उन्हें खोजने टटोलने पर ढोल की…
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माँ की सूरत में मिले भगवान

पार्थसारथि थपलियाल "माँ" एक ऐसा शब्द है, जो केवल नारी का ही सम्मान नही बढ़ाता है बल्कि भारतीय संस्कृति में इसी शब्द ने धरती का भी गौरव बढ़ाया है। वेद की ऋचा कहती है- "माता भूमि पुत्रोहम पृथिव्या"। जो ममता की मूरत और दया का सागर है, जो…
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सेवा भाव के कारण ही भारतीय संस्कृति जिंदा है- मोहन भागवत

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 22 नवंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने कहा कि विश्व की कई सभ्यताएं आई और समाप्त हो गई लेकिन भारतीय सभ्यता इसलिए विश्व गुरु बनने को ओर है क्योंकि वह सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में…
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शिक्षकों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परम्परा है : उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 14अक्टूबर। उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज बच्चों और युवाओं के जीवन को आकार देने में शिक्षकों द्वारा निभाई गई बुनियादी भूमिका के महत्व पर जोर दिया और कहा कि भारतीय संस्कृति में हमेशा ही गुरुओं को आदर…
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