आज हिन्दी पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। वे सभी सिद्धियों और विजय को देने वाली हैं। आज के दिन मां ब्रह्मचारिणी के बीज मंत्र का जाप आपके लिए कल्याणकारी हो सकता है। आज के दिन रवि योग और त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है। आज के पंचांग में राहुकाल, शुभ मुहूर्त, दिशाशूल के अलावा सूर्योदय, चंद्रोदय, सूर्यास्त, चंद्रास्त आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
आज का पंचांग
दिन: रविवार, शुद्ध आश्विन मास, शुक्ल पक्ष, द्वितीया तिथि।
आज का दिशाशूल: पश्चिम।
आज का राहुकाल: शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तक।
आज का पर्व एवं त्योहार: शारदी नवरात्रि द्वितीया।
विक्रम संवत 2077 शके 1942 दक्षिणायण, दक्षिणगोल, शरद ऋतु शुद्ध आश्विन मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया 17 घंटे 28 मिनट तक, तत्पश्चात् तृतीया स्वाती नक्षत्र 08 घंटे 52 मिनट तक, तत्पश्चात् विशाखा नक्षत्र प्रीति योग 17 घंटे 12 मिनट तक, तत्पश्चात् आयुष्मान योग तुला में चंद्रमा 24 घंटे 47 मिनट तक तत्पश्चात् वृश्चिक में।
सूर्योदय और सूर्यास्त
आज नवरात्रि के दूसरे दिन सूर्योदय प्रात:काल 06 बजकर 24 मिनट पर होगा, वहीं सूर्यास्त आज शाम को 05 बजकर 48 मिनट पर होना है।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
आज का चंद्रोदय सुबह 07 बजकर 50 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्र का अस्त उसी दिन शाम को 07 बजकर 12 मिनट पर होगा।
आज का शुभ समय
अभिजित मुहूर्त: दिन में 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक।
रवि योग: 19 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 08 मिनट से सुबह 06 बजकर 24 मिनट तक।
अमृत काल: रात में 10 बजकर 20 मिनट से देर रात 11 बजकर 45 मिनट तक।
त्रिपुष्कर योग: सुबह में 08 बजकर 52 मिनट से शाम को 05 बजकर 27 मिनट तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजे से दोपहर 02 बजकर 46 मिनट तक।
आज आश्विन शुक्ल द्वितीया है। आज रविवार के दिन आपको सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में सुर्य की स्थिति मजबूत होती है। आज आप कोई नया कार्य करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।