समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर।
उत्तर प्रदेश के हाथरस में 20 साल की लड़की के साथ हुई हैवानियत के मामले में लगातार कई तरह की लापरवाहियां सामने आ रही है, अब इस मामले में लड़की के उचित इलाज को लेकर भी सवाल उठ रहे है जिसके बाद जिस हॉस्पिटल में पीड़िता का इलाज हुआ था उसके सीएमओ और इलाज करने वाले डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है.
बता दें कि हाथरस में पीड़िता के साथ कुछ युवकों ने हैवानियत की और उसके साथ जमकर मारपीट भी हुई। जिसके बाद उसकी रीढ की हड्डी और गर्दन में में चोट आई। घटना के बाद पुलिस की लापरवाही भी देखने को मिली, लेकिन आखिरकार पुलिस ने पीड़िता को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, लेकिन बताया गया कि पीड़िता को कई दिनों तक जनरल वार्ड में रखा गया, जबकि उसकी हालत गंभीर थी।
वहीं डॉक्टरों ने पीड़िता के शरीर से एसएफएल सैंपल भी करीब 11 दिन बाद लिए थे। जिसके आधार पर यूपी पुलिस के डीजीपी ने कहा था कि पीड़िता के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ, क्योंकि एसएफएल सैंपल में स्पर्म नहीं पाया गया।
डॉक्टर और सीएमओ के सस्पेंड होने के बाद मेडिकल कॉलेज में इसका विरोध भी शुरू हो चुका है।