समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर।
हमारे वैज्ञानिकों ने एक ऐतिहासिक खोज की है जो हैरान कर देने वाला है। जी हां वैज्ञानिकों ने मानव शरीर में गले के ऊपरी हिस्से में लार ग्रंथियों का एक सेट खोजा है। माना जा रहा है कि पिछली तीन सदियों में मानव शरीर संरचना से जुड़ा यह सबसे बड़ा और अहम अनुसंधान है, जिससे जीवन और चिकित्सा विज्ञान को और बेहतर किए जाने में काफी मदद मिलेगी। खास तौर से गले और सिर के कैंसर के उन मरीज़ों के इलाज में जिन्हें रेडिएशन थेरेपी से गुज़रना होता है।
ग्रंथियों का यह नया सेट नाक के पीछे और गले के कुछ ऊपर के हिस्से में मिला है, जो करीब 1.5 इंच का है। एम्सटरडम स्थित नीदरलैंड्स कैंसर इंस्टिट्यूट के रिसर्चरों ने कहा कि इस खोज से रेडियोथेरेपी की वो तकनीकें विकसित करने और समझने में मदद मिलेगी, जिनसे कैंसर के मरीज़ों को लार और निगलने में होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सकेगा।
रेडियोथेरेपी एंड ओंकोलॉजी नाम पत्र में प्रकाशित एक शोध में शोधकर्ताओं ने लिखा कि मानव शरीर में ये माइक्रोस्कोपिक सलाइवरी ग्लैंड लोकेशन चिकित्सा विज्ञान के लिहाज़ से काफी अहम है, जिसे अब तक जाना ही नहीं गया था। रिसर्चरों ने इन ग्लैंड्स का नाम ‘ट्यूबेरियल ग्लैंड्स’ प्रस्तावित किया। इसकी वजह यह है कि ये ग्लैंड्स टोरस ट्यूबेरियस नाम के कार्टिलेज के एक हिस्से पर स्थित है।
हालांकि कहा गया है कि इस बारे में और गहन रिसर्च की ज़रूरत है ताकि इन ग्लैंड्स को लेकर बारीक से बारीक बात कन्फर्म हो सके। अगर आने वाली रिसर्चों में इन ग्लैंड्स की मौजूदगी और इससे जुड़ी कुछ और जिज्ञासाओं का समाधान हो जाता है तो पिछले 300 सालों में नए सलाइवरी ग्लैंड्स की यह पहली अहम खोज मानी जाएगी।