समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,12नवंबर।
सरकार ने काेरोना काल में रोजगार गंवाने वालों को फिर से रोजगार दिलाने के उद्देश्य से आज आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू करने की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज यहां आत्मनिर्भर पैकेज 3.0 की घोषणा करते हुये कहा कि पिछले वर्ष मार्च में प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना शुरू की गयी थी और अब यह नयी योजना शुरू की गयी है। इसका लाभ उनको मिलेगा जिनकी नौकरी काेरोना काल में चली गयी है। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकृत लोगों को मिलेगा। यह योजना 30 जून 2021 तक चलेगी। इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना 2.0 के तहत सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिय़ा है जिसके तहत इससे जुड़े कर्मचारियों को ईपीएफओ से जोड़ा जाएगा। ऐसे कर्मचारी जो पहले पीएफ के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे और उनकी तनख्वाह 15 हजार से कम है तो उनको इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार दो साल तक 1000 तक की संख्या वाले कर्मचारियों वाले संस्थाओं को नई भर्ती वाले कर्मचारियों के पीएफ का पूरा 24 फीसदी हिस्सा सब्सिडी के रूप में देगी। यह 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगा। 1000 से ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थान में नए कर्मचारी के 12 फीसदी पीएफ योगदान के लिए सरकार 2 साल तक सब्सिडी देगी। इसमें लगभग 95 फीसदी संस्थान आ जाएंगे और करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा करते हुये कहा कि हाल के आंकडे़ अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दे रहे हैं। अक्टूबर में जीएसटी राजस्व संग्रह 1.05 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान कर दिया है। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत की गई है ताकि नए रोजगार का सृजन हो सके। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने भी तीसरी तिमाही में ही अर्थव्यवस्था के सकारात्मक गति पकड़ने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर है। एफपीआई का निवेश भी सकारात्मक रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार भी 560 अरब डॉलर के रिकॉर्ड पर पहुंच गया है। रेलवे में माल ढुलाई में 20 फीसदी वृद्धि हुई है। इसी क्रम में बैंक कर्ज वितरण में 5 फीसदी की बढ़त हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम शहरी आवास योजना के लिए 18 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे कुल 30 लाख मकानों को फायदा मिलेगा। यह राशि बजट में घोषित आठ हजार करोड़ रुपये से अतिरिक्त होगी। इससे 78 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।