समग्र समाचार सेवा
फरीदाबाद, 8 दिसंबर
कृषि कानून के खिलाफ किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का असर अब धीरे-धीरे दिखने लगा है। मंगलवार सुबह से ही देश-प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में कई संगठन सडक़ों पर उतरे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर बात फरीदाबाद की करें तो यहां भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। फरीदाबाद के बाजारों में भी भारत बंद का असर दिख रहा है। बाजार की कुछ दुकानों खुली हैं तो कुछ दुकानें बंद हैं। दुकानादारों में अभी दुकानें बंद करने को लेकर संशय बना हुआ है। लेकिन मार्किट में अधिकतर दुकानें खुली ही नजर आई। एक नंबर, दो नंबर, पांच नंबर, चार नंबर, एनआईटी क्षेत्र, बल्लभगढ़, सराय ख्वाजा आदि में अधिकतर बाजार अन्य दिनों की भांति खुले रहे। हालांकि भारत बंद का कांग्रेस पार्टी द्वारा समर्थन किया गया और कांग्र्रेसी नेता एकजुट होकर नीलम चौक से बीके चौक तक विरोध प्रदर्शन करने की तैयारियों में जुटे रहे, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। उधर पुलिस ने भारत बंद के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी और करीब 3 हजार पुलिस कर्मचारी शहर के अलग-अलग इलाकों में तैनात किए गए। पुलिस ने किसान संघर्ष समिति नहरपार के संयोजक एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ नेता सतपाल नरवत को घर पर नजरबंद कर दिया। पुलिस और सीआईडी स्टाफ ने उनके खेड़ीकलां गांव स्थित घर पर उन्हें नजरबंद रखा। इसके साथ-साथ सीआईए पुलिस ने सुबह सात बजे नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान नरेश शास्त्री के घर पर भी पुलिस तैनात कर दी। हालांकि नरेश शास्त्री घर पर नहीं मिले, लेकिन फिर भी पुलिस उनके यहां तैनात है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लाम्बा ने इसे जवादी अधिकारों एवं लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। वहीं बल्लभगढ़ में बंद का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। यहां सुबह से ही दुकानदारों ने अपनी दुकाने जमाई और ग्राहक भी दुकानों पर खरीदारी के लिए पहुंचे। वहीँ दुकानदारों से जब भारत बंद को लेकर राय ली गई तो उनका कहना था कि सरकार की तरफ सी कोई दिशा निर्देश ही नहीं थे तो हम अपनी रोजी रोटी क्यू बंद करें। साथ ही साथ उनका यह भी कहना था कि कोरोना की मार के बाद भारत बंद हम नहीं सहन कर पाएंगे। सब कुछ सुचारु रहे इसी में सब की भलाई है। वहीँ बल्लभगढ़ रोडवेज इंचार्ज तेज सिंह की माने तो सभी बसें सुचारु है और अपने वक़्त पर यातायात के लिए उपलब्ध है। किसी नागरिक को कोई परेशानी नहीं होगी। वहीं भारत बंद के दौरान लोकल ट्रांसपोर्ट भी फरीदाबाद में सुचारू रुप से चलती रही।