समग्र समाचार सेवा
हिसार , 9 दिसंबर
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रोफेसर समर सिंह ने कहा है कि अब विश्वविद्यालय में विभिन्न फसलों के गुणवत्ता वाले बीज अधिक मात्रा में तैयार किए जा सकेंगे। विश्वविद्यालय का बीज तैयार करने के लिए ऊर्जा व लेबर पर होने वाला खर्च भी कम होगा। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे फसल उत्पादन पर आने वाले खर्च को कम करने के लिए फार्म पर नवीनतम फसल उपकरण स्थापित करें। इससे कृषि के कार्य आसानी से हो सकेंगे। प्रो.सिंह विश्वविद्यालय में स्थित रामधन सिंह बीज फार्म पर स्वचालित नए बीज प्रसंस्करण संयत्र का बटन दबाकर उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने फार्म की प्रति ईकाई उत्पादनशीलता को बढ़ाने के लिए ड्रोन तकनीक को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा जारी रैंकिंग में सभी राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की श्रेणी में विश्वविद्यालय द्वारा तीसरा स्थान हासिल करने पर सभी वैज्ञानिकों व विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।
अनुसंधान निदेशक डा. एसके सहरावत ने बताया कि रामधन सिंह बीज फार्म को बीज उत्पादन करते हुए 20 वर्ष हो गए हैं और पिछले कई वर्षों से नए बीज प्रसंस्करण संयंत्र लगवाने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। कुलपति ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए नए बीज प्रसंस्करण संयंत्र को लगवाने के लिए वित्तीय व्यवस्था करवाकर इसे स्थापित करवाया है। इससे किसानों के लिए गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन को गति मिलेगी। इससे आने वाले समय में विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के लिए बीज वितरण में सुगमता होगी। रामधन सिंह बीज फार्म के निदेशक डॉ.राम निवास ने बताया कि यह संयंत्र बीज प्रसंस्करण की नवीनतम तकनीक पर आधारित है तथा इसकी बीज प्रसंस्करण की क्षमता 30 क्विंटल प्रति घंटा है। बीज प्रसंस्करण में बीज की गुणवत्ता बढ़ती है और इससे बिजली पर आने वाला खर्च कम होता है। इससे किसानों को बिजाई के लिए अधिक गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो सकेगा।