समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20अप्रैल।
कोरोना महामारी के बीच सोमवार को उदय होते सूर्य की उपासना के साथ चार दिवसीय चैती छठ पूजा का समापन हो गया। पिछले साल की तरह इस बार भी छठव्रतियों ने घरों में ही कुंड बनाकर भगवान भास्कर को अर्घ दिया।
छठव्रती और श्रद्धालु अलसुबह परिजनों के साथ सूप-डाला लेकर घर पर बने कुंड पहुंचे और सूर्य को अर्घ्य दिया। वहीं जगह-जगह तालाब में कुछ परिवार की महिलाओं ने उदय होते हुए सूर्य को पानी में खड़े होकर आस्था के साथ भगवान सूर्य को अर्घ अर्पित किया। इस बार रोक की वजह से किसी ने भी पोखरा बांध तालाब में पूजन नहीं किया।
बासुकीनाथ स्थित शिवगंगा घाट में भी छठव्रतियों की काफी कम भीड़ दिखी। यहां अर्घ्य देने के लिए भक्तों ने शारीरिक दूरी का अनुपालन किया। भगवान भास्कर से संपूर्ण परिवार के लिए आरोग्य और सुख समृद्धि की कामना की गई। शिवगंगा घाट एवं जरमुंडी बांध में भक्तों ने पूर्ण निष्ठा के साथ पूजन किया। सुहागन महिलाओं ने एक दूसरे को सिदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की मंगलकामना की।
भागलपुर में भी सुलतानगंज के अजगैवीनाथ उत्तरवाहिनी गंगा तट पर उदय मान सुर्य को अर्ग देने के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर सुबह से ही भक्तों की भीड शुरु हो गई थी। इस दौरान छठ वर्तीय महिलाओं ने गंगा घाट पहुंच कर उदय मान सुर्य को प्रार्थना करते हुए गंगा खडी हुई और कोरोना महामारी से भारत देश को बचाने के लिए कामना की।