इतिहास में पहली बार धाम में सरकार का फूंका गया पुतला, पर्यटन मंत्री के बयान से पुरोहितों में है आक्रोश
समग्र समाचार सेवा
देहरादून, 8जून। देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने के मामले पर सरकार की ओर से हीलाहवाली किए जाने पर तीर्थ पुरोहितों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इतिहास में पहली बार गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में तीर्थ पुरोहितों ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। पुरोहितों ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार नहीं करने के बयान की घोर निंदा की है।
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव दीपक सेमवाल, राकेश सेमवाल, गणेश और राजेश सेमवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री ने देवस्थानम बोर्ड को पुनर्विचार करने की बात कही थी। लेकिन अब पर्यटन मंत्री कह रहे हैं कि इस पर पुनर्विचार नहीं होगा। पर्यटन मंत्री की मंशा बोर्ड को लेकर ठीक नहीं है। तीर्थपुरोहितों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र बोर्ड को भंग नहीं किया गया तो तीर्थ पुरोहित उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं यमुनोत्री धाम में भी पुरोहितों ने सतपाल महाराज का पुतला फूंका। पंच पंडा समिति यमुनोत्री धाम के रावल कृतेश्वर उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार करने की बात कही थी। लेकिन अब पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बोर्ड का पुनर्विचार नहीं करने का बयान दिया है, जिसकी घोर निंदा की जाती है। पुतला दहन करने वालों में लखन उनियाल, पुरुषोतम उनियाल, आशुतोष उनियाल, अंकित उनियाल आदि शामिल थे।