समग्र समाचार सेवा
चमोली, 12 अगस्त। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में कल बुधवार को एक बस और अन्य वाहनों के भूस्खलन की चपेट में आने से अब तक 13 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कल 14 अन्य को बचा लिया गया था। जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है।
आईटीबीपी की 17, 18 और 43 बटालियनों के सैनिकों ने आज सूरज के निकलते ही (05:25 बजे) सड़क से लगभग 500 मीटर नीचे और सतलुज नदी से 200 मीटर ऊपर बस का मलबा खोज निकाला है. बस के परखच्चे उड़ गए हैं. शुरुआती रपटों में कहा गया था कि सरकारी बस में 40 लोग हो सकते हैं, लेकिन बाद में पता चला कि यह संख्या बहुत कम है।

कल इस भूस्खलन का एक वीडियो सामने आया, जिसमें दिखा कि पहले तो पहाड़ से पत्थर नीचे नदी में गिरे. उसके बाद पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग पांच पर और नदी में गिर जाता है।
बचाव कर्मियों ने रात होने से पहले अभियान पूरा करने के लिए निचार तहसील के निगुलसारी क्षेत्र के चौरा गांव के पास मलबे से जीवित बचे लोगों और शवों को निकालने के लिए संघर्ष किया. रात करीब 10 बजे तलाशी अभियान स्थगित कर दिया था और आज सुबह इसे फिर से शुरू किया गया है।
A team of the National Disaster Response Force (NDRF) engaged in search and rescue operation at Kinnaur landslide site in Himachal Pradesh
Death toll in the incident is 13 pic.twitter.com/f0gRZtxfDD
— ANI (@ANI) August 12, 2021
राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता के अनुसार, मृतकों में से आठ एक टाटा सूमो टैक्सी में फंसे पाए गए. मोख्ता ने कहा कि हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस, जो रिकांग पियो से शिमला होते हुए हरिद्वार जा रही थी, अब भी मलबे में दबी हुई है. मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि एचआरटीसी की एक और बस और एक बोलेरो और उसके यात्री मलबे के नीचे नहीं पाए गए और उनका अब भी पता नहीं चल सका है. उन्होंने कहा था कि यह संभव हो सकता है कि दोनों वाहन मलबे के साथ नीचे लुढ़क गए हों