समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13अक्टूबर। दिल्ली से मेरठ जाना हो या ग्रेटर नोएडा, भले अलवर और बुलंदशहर से दिल्ली आना हो या फिर दिल्ली के ही एक कोने से दूसरे कोने में जाना हो…इसमे समय बहुत ज्यादा लग जाता है और ट्रैफिक की समस्याओं के कारण काफी कठीन यात्रा हो जाती है। लेकिन अब यह समस्या खत्म होनें वाली है। क्योंकि दिल्ली एनसीआर में हेलिटैक्सी की सुविधा शुरू होनें वाली है जिससे चंद मिनटों में ही आप अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे।
दरअसल मंगलवार को नई दिल्ली, एनसीआर योजना बोर्ड ने मसौदा क्षेत्रीय योजना-2041 को मंजूरी दे दी। इससे भविष्य में झुग्गी मुक्त राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा और हेलिटैक्सी, सड़क, रेल और जलमार्ग के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी का मार्ग प्रशस्त होगा।
मसौदा योजना एनसीआर के प्रमुख शहरों के भीतर सुपर-फास्ट ट्रेनों के माध्यम से 30 मिनट की कनेक्टिविटी पर विशेष जोर देती है और निकटतम एनसीआर सीमाओं से दिल्ली तक 30 मिनट की मास ट्रांजिट रेल सिस्टम (एमटीआरएस) की संभावना का पता लगाने का भी प्रस्ताव है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बैठक में योजना को मंजूरी दी गई. बैठक की अध्यक्षता आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने की।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे में सिमटने की संभावना है. सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र वर्तमान में लगभग 150-175 किलोमीटर तक फैला हुआ है, जो सभी जिलों और उनके ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करता है।
क्षेत्रीय योजना 2041 की मंजूरी से 100 किमी से अधिक के क्षेत्र के एनसीआर का मुख्य हिस्सा होने की संभावना नहीं है. सुझावों और आपत्तियों के लिए एक विस्तृत मसौदा योजना जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी और उसके बाद, इसे एनसीआर योजना बोर्ड द्वारा अधिसूचित किया जाएगा।