समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 जनवरी। केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मलयालम चैनल मीडिया वन टीवी के लाइसेंस का नवीकरण नहीं करने के सरकार के फैसले की सही ठहराया। हाई कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली चैनल की याचिका को खारिज कर दिया। गृह मंत्रालय की ओर से चैनल के नवीनीकरण के लिए सुरक्षा मंजूरी नहीं दी गई थी। गृह मंत्रालय के इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में मीडिया वन टीवी ने चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति एन नागरेश की पीठ ने गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किए फाइलों का अध्ययन करने के बाद अपील को खारिज कर दिया।
चैनल को बंद करने का आदेश दिया गया था
केंद्रीय गृह मंत्रालय की संस्तुति के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने चैनल को बंद करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर चैनल के नवीनीकरण को इनकार किए जाने का पर्याप्त आधार है। 2020 में दिल्ली दंगा पर गलत रिपोर्टिंग के कारण 48 घंटे का बैन लगाया गया था।
गलत रिपोर्टिंग के कारण लगा था प्रतिबंध
मार्च 2020 में सूचना प्रसारण मंत्रालय ने मलयालम चैनल्स ‘एशियानेट’ और ‘मीडिया वन’ के प्रसारण पर 48 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया था। केंद्र सरकार के आदेश में कहा गया था, दिल्ली हिंसा पर चैनल की रिपोर्टिंग सीएए समर्थकों की तोड़फोड़ पर केंद्रित होने की वजह से पक्षपातपूर्ण लगती है,” और “एक समुदाय का पक्ष ज्यादा दिखाया जा रहा है”।