समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22जुलाई। यू्ट्यूब ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि वह गर्भपात के बारे में झूठे दावों वाले वीडियो को हटाना शुरू कर देगा और चिकित्सा प्रक्रिया के बारे में कोई भी गलत सूचना पर कार्रवाई भी कर सकता है. बता दें कि यूट्यूब ने ये कदम तब उठाया है कि जब महिलाएं संयुक्त राज्य भर में कई क्षेत्रों में गर्भपात के अधिकार को निरस्त करने के मद्देनजर गर्भावस्था से संबंधित विश्वसनीय जानकारी ऑनलाइन तलाशती हैं.
YouTube के प्रवक्ता एलेना हर्नांडेज़ ने सीएनएन के हवाले से एक बयान में कहा, “हम मानते हैं कि लोगों को स्वास्थ्य विषयों के बारे में आधिकारिक स्रोतों से सामग्री से जोड़ना महत्वपूर्ण है और हम अपनी नीतियों और उत्पादों की लगातार समीक्षा करते हैं.”
लेकिन “आज से और अगले कुछ हफ्तों में, हम ऐसी सभी सामग्री को हटा देंगे जो असुरक्षित गर्भपात विधियों के लिए निर्देश प्रदान करती है या हमारी चिकित्सा गलत सूचना नीतियों के तहत गर्भपात सुरक्षा के बारे में झूठे दावों को बढ़ावा देती है.”
सीएनएन के अनुसार, गर्भपात पर व्यापक ध्यान देने और प्रक्रिया की पहुंच के बीच जो नीति आई है. जब सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने रो वी वेड के विपरीत जाकर एक बड़ा फैसला सुनाते हुए गर्भपात का संवैधानिक अधिकार खत्म कर दिया है. ऐसा कर कोर्ट ने अपने ही पांच दशक पुराने उस ऐतिहासिक फैसले को बदल दिया है जहां पर महिलाओं को गर्भपात करवाने का कानूनी दर्जा दिया गया था.
इसपर अब चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इसे लेकर लोग भ्रम और भावनात्मक परेशानी को भुनाने की कोशिश कर सकते हैं. गर्भपात के बारे में झूठे दावे फैलाने के लिए विभिन्न राज्य अब अपना कानून लागू कर सकते हैं.
सीएनएन के अनुसार, विष विज्ञानियों ने खतरनाक “DIY” गर्भपात विधियों के बारे में भी चिंता जताई है, जिन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया गया है.