समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 10सितंबर। ट्रेन से सफर करने वालों के लिए रेल मंत्रालय की तरफ से एक खास तोहफा मिलने वाला है. भारतीय रेलवे अपने सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत को हाई स्पीड ट्रेन में बदलने की योजना बना रहा है. रेल मंत्रालय ने अपने एक बयान में बताया कि ‘वंदे भारत 2’ बेहतर सुविधाओं से लैस होंगी. इसके अलावा ‘वंदे भारत 2’ ट्रेनों की गति भी पहले से ज्यादा होगी.
ये ट्रेनें 52 सेकंड में जीरो से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं जबकि पुरानी ट्रेनों को गति पकड़ने में 54.6 सेकंड का समय लगता था. वंदे भारत 2 ट्रेनें 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी.
ऊर्जा खपत कम करने के लिए ट्रेन के वजन को 392 टन किया गया है. इसके अलावा सभी सीटों में रिक्लाइंग की सुविधा दी गई है. वाई-फाई के अलावा वंदे भारत 2 में 32 इंच के एलसीडी टीवी भी होंगे जो पहले के वर्जन में 24 इंच के थे.
वंदे भारत ट्रेन में पैसेंजर्स को ऑन डिमांड कंटेंट की सुविधा मिलेगी. इसमें दिव्यांगों के अनुकूल शौचालय बनाए गए हैं. नई ट्रेनों में एयर कंडीशनर भी लगाए जाएंगे जो पिछले वाले की तुलना में 15% बेहतर हैं. यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाने के लिए एसी में ट्रैक्शन मोटर के साथ धूल रहित स्वच्छ एयर कूलिंग होगी. इसके साथ ही ट्रेन दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए इसमें KAVACH सेफ्टी फीचर फिट किया गया है.
रेलवे ने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों के पुराने वर्जन में एग्जीक्यूटिव क्लास के यात्रियों को जो रिक्लाइनिंग चेयर दी गई थी, उसे अब नई वंदे भारत ट्रेनों के सभी क्लासों में लगाया जाएगा. बता दें, 2023 तक 75 नई वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण होगा. रेलवे का टार्गेट हर महीने 6-7 वंदे भारत ट्रेन बनाने का है. इन ट्रेनों का उत्पादन चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में किया जाएगा. वंदे भारत देश की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है. पहले इसका नाम ट्रेन-18 रखा गया था. लेकिन बाद में बदलकर वंदे भारत कर दिया गया.