समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6मार्च। वित्तीय शोध करने वाली कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद कई तरह के आरोपों का सामना कर रहे अडानी समूह के लिए राहत भरी खबर है। अमेरिकी कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स ने बड़ा निवेश किया है। इस निवेश की जानकारी अडानी समूह की तरफ से ही दी गई है।
एनआरआई निवेशक राजीव जैन के स्वामित्व वाली जीक्यूजी पार्टनर्स ने संकट के समय कई कदम उठाए। राजीव जैन अडाणी ग्रुप के लिए तरणहार बन गए। दो दिन में राजीव जैन ने 3100 करोड़ रुपये का लाभ कमाया है।
संकटग्रस्त अडानी ग्रुप में 15,446 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।साहसिक दांव ने केवल दो दिनों के अंतराल में 20% से अधिक का शानदार रिटर्न दिया है। अडानी के 4 शेयरों अदानी एंटरप्राइजेज, अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, अदानी ग्रीन एनर्जी और अदानी ट्रांसमिशन में जैन के निवेश का बाजार मूल्य 18,548 करोड़ रुपये हो गया है।
अडाणी समूह ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने समूह की चार सूचीबद्ध कंपनियों में अल्पांश हिस्सेदारी अमेरिकी संपत्ति प्रबंधक कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स को 15,446 करोड़ रुपये में बेची है। अडाणी समूह को आने वाले महीनों में दो अरब डॉलर से अधिक का कर्ज चुकाना है और इसलिए उसे नकदी की जरूरत है। समूह ने एक बयान में कहा कि अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीसेज), अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल), अडाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड (एटीएल) और अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) के शेयर बाजार में बेचे गए। बयान के मुताबिक इस निवेश के साथ जीक्यूजी भारतीय बुनियादी ढांचे के विकास और वृद्धि में एक प्रमुख निवेशक बन गया है।