पंचक 2023: आज से शुरू हो रहे हैं पंचक, इस दौरान क्यों नहीं किए जाते शुभ कार्य?आइये जानें…

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2अगस्त। हिंदी पंचांग के अनुसार आज यानि 2 अगस्त से पंचक काल शुरू हो रहा है जिसे सनातन धर्म में अशुभ मुहूर्त में गिना जाता है. पंचक काल में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता. कहते हैं कि यदि गलती से भी पंचक काल में कोई शुभ कार्य किया जाए तो वह अशुभ फल प्रदान करता है. पंचक काल 5 दिनों तक रहता है और इन 5 दिनों तक कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए. पंचांग के अनुसार आज यानि 2 अगस्त को सुबह 2 बजकर 21 मिनट पर पंचक शुरू हो गया है जो कि 7 अगस्त को शाम 7 बजकर 55 मिनट तक रहेगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर पंचक काल को अशुभ क्यों माना जाता है और इस दौरान शुभ कार्य करने की मनाही क्यों होती है?

क्यों अशुभ होता है पंचक?
पंचक को एक अशुभ मुहूर्त माना गया है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए. कहते हैं कि इस दौरान यदि शुभ कार्य कर लिया जाए तो वह शुभ की जगह अशुभ फल प्रदान करता है. जिसकी वजह से एक नहीं बल्कि पांच बार अशुभ फल की प्राप्ति होती है. इसका मतलब है कि अगर पंचक काल में कोई घटना घट जाए तो वह एक बार में नहीं रूकती, बल्कि लगातार पांच बार उस घटना का सामना करना पड़ता है. इसलिए भूलकर भी इस दौरान कोई भी शुभ कार्य न करें.

दक्षिण दिशा में नहीं करनी चाहिए यात्रा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक के दौरान पांच दिनों तक दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए. क्योंकि पंचक काल में कुंडली में शुक्र व गुरु ग्रह कमजोर स्थिति में होते हैं और इसकी वजह से असफलताओं का सामना करना पड़ता है. इसलिए यदि जरूरी न हो तो पंचक में दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक दक्षिण को यम की दिशा भी कहा जाता है और पंचक काल में यह दिशा मजबूत होती है जिसकी वजह से दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है.

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.