बीजेपी सांसद राज्यवर्धन का दावा, बीजिंग ओलंपिक के दौरान सोनिया और राहुल ने एथलीटों से नहीं बल्कि कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं से की थी मुलाकात

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14अगस्त। लोकसभा में बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने हाल ही में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ‘देशद्रोह के मामले’ को लेकर बयान दिया है. जिस पर विवाद खड़ा हो गया है. हालांकि कांग्रेस ने राज्यवर्धन पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता अजय माकन ने बीजेपी सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. बयान पर मचे सियासी बवाल के बाद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने शनिवार को कहा कि मैं अपनी बात पर कायम हूं.

आपको बता दें कि गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा लेते हुए बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने दावा किया था कि 2008 बीजिंग ओलंपिक के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी एथलीटों से नहीं बल्कि कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं से मिले थे. राठौड़ ने संसद में कहा कि उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए.

इस पर कांग्रेस नेता अजय माकन ने ओलंपिक खेल गांव में भारतीय एथलीटों के साथ सोनिया गांधी की मुलाकात पर प्रकाशित एक समाचार लेख का स्क्रीनशॉट साझा किया और राज्यवर्धन से पूछा कि क्या यह सच है।

अजय माकन ने ट्वीट किया, ”अगर यह सच है तो दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष के रूप में मैं अपने सदन के नेताओं से राठौड़ के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध करता हूं।

बीजेपी सांसद ने आगे कहा, मैंने संसद में ‘देशद्रोह’ क्यों कहा? क्योंकि वह चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ गुप्त समझौता करने के लिए चीन गए थे। वह वहां सरकारी प्रतिनिधि के तौर पर नहीं गये थे.

देश जानना चाहता है कि वह गुप्त समझौता क्या था? ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी राजनीतिक दल ने प्रतिद्वंद्वी देश की पार्टी के साथ समझौता किया हो. उस समय कांग्रेस की सरकार थी. आपको उस सौदे में क्या मिला? क्या आपने देश को कमजोर कर दिया है?

राठौड़ ने पूछा, अगर सेना के किसी जवान ने ऐसा किया होता तो उस पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाता। लेकिन सेना को नियंत्रित करने वाली सत्ता ने एक गुप्त समझौते पर हस्ताक्षर किये. उन पर देशद्रोह का मुकदमा क्यों नहीं चलाया जाना चाहिए?

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