डॉ. मनसुख मांडविया भारत में फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान-विकास और नवाचार पर राष्ट्रीय नीति और फार्मा मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए योजना करेंगे लॉन्च

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26 सितंबर। केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भारत में फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और विकास और नवाचार पर राष्ट्रीय नीति और फार्मा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए योजना का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रसायन और उर्वरक तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल की भी उपस्थिति रहेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने किया है। यह कार्यक्रम कल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में होगा।

भारत में फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और विकास पर राष्ट्रीय नीति संभावित रूप से अगले दशक में इस क्षेत्र को 120-130 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने में मदद कर सकती है, जिससे सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान लगभग 100 आधार अंकों तक बढ़ जाएगा। नीति का उद्देश्य पारंपरिक दवाओं और फाइटोफार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों सहित फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करना है। इस नीति में तीन प्रमख क्षेत्रों पर स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक उत्पादों और प्रौद्योगिकियों के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता को स्वीकार किया गया है। इसके लिए नियामक ढांचे को सुदृढ बनाने, नवाचार में निवेश को प्रोत्साहित करने और नवाचार के लिए एक सुविधाजनक पारिस्थितिकी तंत्र के गठन पर बल दिया गया है।

इस आयोजन में नीति निर्माता, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञ, शिक्षा जगत, विचार-मंच, उद्योग और मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अन्य गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। इसका उद्देश्य भारत की दवा और फार्मास्युटिकल निर्यात प्रवृत्ति, भारत की श्रेणीवार निर्यात हिस्सेदारी, प्रस्तावना, नीति की आवश्यकता, इसके उद्देश्य, उद्देश्यों के प्रमुख क्षेत्रों और निगरानी तथा मूल्यांकन तंत्र को उजागर करना है।

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